जम्मू एवं कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय पैंथर्स पार्टी (एनपीपी) सहित विपक्षी दलों ने रविवार को राज्य विधानसभा से बहिर्गमन कर दिया। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह प्रदर्शनकारियों पर छर्रो और पेप्पर स्प्रे का इस्तेमाल कर रही है, जिसके कारण कई युवाओं की आंख की रोशनी चली गई है। महबूबा ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस तरह के हथियारों के इस्तेमाल के कारण कश्मीर घाटी में प्रदर्शनकारियों की आंख की रोशनी चली गई है और उन्हें इसके लिए चिकित्सा का भारी व्यय उठाना पड़ रहा है। महबूबा ने कहा, "गरीब परिवारों को छरें और पेपर स्प्रे से पीड़ित अपने बच्चों को इलाज के लिए राज्य से बाहर अमृतसर और अन्य स्थानों पर ले जाना है। ये बच्चे गरीब परिवारों से हैं और वे महंगा इलाज वहन नहीं कर सकते।"महबूबा ने प्रदर्शनकारियों पर इस तरह के हथियारों का प्रयोग तत्काल रोकने की मांग की। उन्होंने पीड़ितों के लिए राज्य सरकार से वित्तीय सहायता की मांग भी की। भाजपा और एनपीपी विधायकों ने जम्मू क्षेत्र के निवासियों के लिए बिजली दरों और आपूर्ति में समानता लाने की मांग की और आरोप लगाया कि जम्मू के लोगों से ऊंची दरें वसूली जाती हैं।दोनों दलों के विधायकों ने यह मांग भी की कि खासतौर से विद्युत विकास विभाग और राज्य कृषि विभाग के दिहाड़ी मजदूरों को नियमित किया जाए।विपक्ष के बहिर्गमन के बाद विधासभा की कार्यवाही सामान्य हो गई।