वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने नववर्ष के पहले दिन मंगलवार शाम को मौहल के नेचर पार्क परिसर में पर्यावरण एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता और ब्यास नदी की पवित्रता को बरकरार रखने के लिए आयोजित ब्यास आरती में मुख्य यजमान के रूप में भाग लिया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मंगल ध्वनि के बीच बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों के साथ ब्यास की अराधना की।इस मौके पर लगभग 121 पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण और बड़ी संख्या में बजंतरियों ने देवधुनें बजाकर महाआरती की रस्म को पूर्ण करवाया तथा सैकड़ों लोगों ने ब्यास नदी में मिटटी और आटे के दीये प्रवाहित किए। महाआरती में एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, जिलाधीश कुल्लू यूनुस, अन्य अधिकारियों और कई गणमान्य लोगों ने भी भाग लिया।वन मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और आम दिनचर्या का अभिन्न अंग रहा है। हमने हमेशा प्रकृति को देवतुल्य मानकर उसकी अराधना की है। पर्यावरण संरक्षण की प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए तथा भारत की मुख्य नदियों में शुमार ब्यास की पवित्रता बनाए रखने के लिए ब्यास आरती की परंपरा आरंभ की गई है।
जिला पुस्तकालय के अतिरिक्त भवन का किया शिलान्यास
वन, परिवहन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने मंगलवार देर शाम कुल्लू में जिला पुस्तकालय के लिए अतिरिक्त भवन का शिलान्यास भी किया। वन मंत्री ने बताया कि लगभग 33 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस भवन में विद्यार्थियों, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और अन्य आम पाठकों को अध्ययन के लिए अतिरिक्त जगह व कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।