मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में खेल को प्रफुल्लित करने और खिलाडिय़ों की बेहतरी के लिए दृढ़ता के साथ काम कर रही है और खेल के क्षेत्र में राज्य को देश में अग्रणी बनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी। इसी के अंतर्गत ही पंजाब सरकार द्वारा नयी खेल नीति लागू की गई है, जोकि देश की सर्वोत्तम खेल नीति है। इन विचारों का खुलासा खेल मंत्री, पंजाब राणा गुरमीत सिंह सोढी ने यहाँ सैक्टर-78 स्थित बहु-मंतवी खेल स्टेडियम में वर्ष 2015 -16 के दौरान प्रांतीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मुकाबलों में मैडल जीतने वाले 786 खिलाडिय़ों को 02 करोड़ 48 लाख 89 हज़ार 900 रुपए की ईनामी राशि बाँटने के लिए करवाए गए राज्य स्तरीय स्पोर्टस कैश अवार्ड समागम में बतौर मुख्य मेहमान शिरकत की। समागम को संबोधन करते हुए खेल मंत्री ने कहा कि जितनी शिद्दत के साथ पंजाब के खिलाड़ी मेहनत कर रहे हैं, उतनी ही शिद्दत के साथ खेल विभाग के अधिकारी भी राज्य में खेल की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। पंजाब सरकार द्वारा नयी खेल नीति बनाऐ जाने से तत्काल बाद ही एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले 23 खिलाडिय़ों को 15 करोड़ 55 लाख रुपए की ईनामी राशि के साथ नवाज़ा गया था। उन्होंने कहा कि पिछले 06 सालों से खिलाडिय़ों को महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड नहीं दिए गए और यह अवार्ड भी दिसंबर या जनवरी महीने में दिए जाएंगे। इसके अलावा जिन खिलाडिय़ों की जो भी ईनामी राशि बकाया है, वह भी जल्दी ही खिलाडिय़ों को दे दी जायेगी।उन्होंने कहा कि राज्य की खेल और खिलाड़ी अब सुरक्षित हाथों में हैं क्योंकि वह ख़ुद और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह भी खिलाड़ी रहे हैं। इसलिए वह खिलाडिय़ों की भावनाओं और उन की ज़रूरतों से अच्छी तरह अवगत हैं। उन्होंने कहा कि नयी खेल नीति के अंतर्गत खिलाडिय़ों के लिए नौकरियाँ देने के लिए विशेष प्रबंध किया गया है और योग्य खिलाडिय़ों को हर हाल में नौकरियाँ दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर यह होता है कि टीम गेम संबंधी अवार्ड की राशि टीम के सभी खिलाडिय़ों में बाँट दी जाती है परन्तु पंजाब सरकार ने टीम गेमों के हर एक मैंबर को अलग- अलग इनामी राशि दी है, जो कि अपने आप में पृथक प्रयास है।
खिलाडिय़ों को संबोधन करते हुए राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि पंजाब के खिलाड़ी खेल के मैदान में मेहनत करने की तरफ ध्यान दें। उनके प्रशिक्षण, नौकरियाँ और तरक्कियों की जि़म्मेदारी सरकार की है, जोकि हर हाल निभाई जायेगी। उन्होंने बताया कि पंजाब के खिलाडिय़ों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैडल जीतने के लिए आधुनिक तकनीकों द्वारा प्रशिक्षण भी करवाया जाएगा, जिसके अंतर्गत खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भी भेजा जायेगा और विदेशों के प्रशिक्षकों को पंजाब में भी प्रशिक्षण के लिए बुलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों की बेहतरी के लिए मनोचिकित्सकोंं की मदद भी ली जायेगी। इसके साथ एक तो खिलाडिय़ों को उनकी प्रतिभा के मुताबिक खेल का चयन करने में मदद मिलेगी और साथ ही उनका मनोबल भी मज़बूत होगा और उनका प्रदर्शन भी बेहतर होगा। खेल मंत्री द्वारा समागम के दौरान ही ई-ट्रांसफर के द्वारा खिलाडिय़ों के खातों में ईनामी राशि ट्रांसफर की गई।इस मौके पर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए खेल मंत्री पंजाब ने कहा कि राज्य की पुलिस और सुरक्षा प्रबंध बहुत मज़बूत हैं और राज्य में किसी भी किस्म की असुखद घटना नहीं घटने दी जायेगी और न ही राज्य का माहौल खऱाब होने दिया जायेगा। उन्होंने इस मौके अपने स्तर पर विभिन्न खेल अकैडमियां चलाने वालों की भी श्लाघा की। खेल मंत्री ने खिलाडिय़ों से अपील की कि वह दूसरे नौजवानों को भी खेल के साथ जोड़ेे जिससे पंजाब की जवानी नशों से बची रहे।समागम में विशेष तौर पर शिरकत करते हुए अदाकार गुरप्रीत घुग्गी ने जहाँ उपस्थित लोगों का मनोरंजन किया, वहीं पंजाब सरकार द्वारा किये गए प्रयासों की प्रशंसा करते हुए अधिक से अधिक नौजवानों को खेल के साथ जुडऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नौजवानों को नशों से बचाने के लिए खेल सबसे अहम ज़रिया है। इसलिए माँ बाप को भी यह कोशिश करनी चाहिए कि उनके बच्चे किसी न किसी खेल के साथ ज़रूर जुड़े।इस मौके पर पंजाब ओलम्पिक एसोसिएशन के सचिव जनरल राजा के.एस. सिद्धू, अतिरिक्त मुख्य सचिव (खेल) संजय कुमार, डायरैक्टर खेल विभाग अंमृत कौर गिल ने भी संबोधन किया। समागम के दौरान सहायक डायरैक्टर खेल विभाग करतार सिंह और फि़ल्म अदाकार अरशद डाली समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी और प्रशिक्षक उपस्थित थे।