समाज कल्याण सचिव डॉ फारूक अहमद लोन ने आज राश्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) तथा एकीकृत सामाजिक सुरक्षा योजना (आईएसएसएस) के अंतर्गत लाभार्थियों की सूची से अपात्र तथा अयोग्य लोगों को बाहर निकालने की प्रगति की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि इन योजनाओं के अतंर्गत गरीब बजुर्गो, परेशान महिलाओं तथा दिव्यांगों को 1000 रु की मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। जम्मू व कश्मीर में 573383 लाभार्थियों को वर्तमान में इन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत पेंशन प्राप्त हो रही है जिसमें प्रतिवर्श 686.36 करोड रु की राशि से एनएसएपी के अंतर्गत 1540883 तथा आईएसएस के अंतर्गत 422500 शामिल है। सचिव को सूचित किया गया कि कश्मीर संभाग में अनंतनाग में 1047, बडगाम में 900, बारामूला में 278, गांदरबल में 363, कारगिल में 523, कुलगाम में 370, कुपवाडा में 301, लेह में 110, पुलवामा में 994, शोपिया में 650 तथा श्रीनगर में 2777 सहित 8449 लाभार्थियों को सत्यापन के बाद पहले से ही बाहर कर दिया गया है। सचिव ने बल दिया कि सत्यापन की प्रक्रिया राज्य में तेज होनी चाहिए ताकि सभी आयोग्य लाभार्थियो को 30 सितम्बर 2018 तक बाहर कर दिया जा सके। उन्होंने जिला समाज अधिकारियों को योजना के दिशा निर्देशों के अनुसार अपने सम्बंधित जिलों में लम्बित सूची से पात्र और योग्य आवेदकों द्वारा बाहर निकाले गये मामलों को प्रति स्थापित करने के निर्देश दिये। यह बताया गया कि लाभार्थियों की आधार सीडिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है अब तक कश्मीर संभाग में एनएसएपी के अंतर्गत नामांकित 71699 लाभार्थियों में से 32949 की आधार की संख्या जोडी गई है।