पंजाब सरकार की तरफ से राज्य को नशा मुक्त करने शुरू किए गए विशेष अभियान का निजी नशा छुड़ाओ केन्द्रों के मुखियों ने भी सहयोग करने का ऐलान किया है। आज लोक सभा सदस्य रवनीत सिंह बिट्टू के नेतृत्व में स्थानीय सर्कट हाऊस में हुई बैठक दौरान जिला लुधियाना के सभी मनोरोग चिक्तिसों ने भरोसा दिया कि वे भविष्य में नशा छोड़ने के इच्छुक मरीजों की ओ. पी. डी., टैस्ट और काउंसलिंग बिल्कुल मुफ्त करेंगे। यह बैठक बिट्टू के विशेष प्रयास से आयोजित की गई, जो कि नशामुक्ति की दिशा में बहुत ही सफल रही। बताने योग्य है कि जिला लुधियाना में इस समय पर 28 नशा छुड़ाओ केंद्र चल रहे, जिनमें पांच सरकारी और 23 निजी केंद्र हैं। इस मीटिंग में तकरीबन हर केंद्र का प्रमुख या मनोरोग माहिर डाक्टर पहुँचा हुआ था। बैठक की अध्यक्षता करते हुए स. रवनीत सिंह बिट्टू ने डाक्टरों से अपील की है कि पंजाब सरकार ने प्रदेष में नशे की सप्लाई लाईन तोड़ दी है और अब नशे के आदी व्यक्ति नशा छोड़ कर सेहतमंद समाज का हिस्सा बनना चाहते हैं। जिस के लिए डाक्टर भाईचारा अपनी बनती जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने अपील की कि राजनीतिक प्रतिनिधियों और प्रशासन की तरफ से ऐसे मरीजों को प्रेरित कर नशा छुड़ाओ केन्द्रों तक लाया जा रहा, यदि उनका वहां बढ़िया इलाज हो जाये तो पंजाब को नशा मुक्त करने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने बताया कि सेहत विभाग के पास नशा छुड़ाओ केन्द्रों और मनोरोग माहिर डाक्टरों की कमी के चलते उम्मीद की जा रही है कि निजी नशा छुड़ाओ केंद्र इस दिशा में प्रषासन और पंजाब सरकार का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल में खाली पड़ी सराय की इमारत को शनिवार तक नशा मुक्ति केंद्र में तबदील कर दिया जायेगा। जहाँ कि 40 मरीज भर्ती किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि सेहत विभाग की तरफ से जल्द ही सेवामुक्त मनोरोगों बारे डाक्टरों की भी सेवाएं ली जाएंगी।
निजी केन्द्रों के मुखिया और मनोरोगों बारे डाक्टरों ने लोक सभा सदस्य को विष्वास दिलाया कि वह ऐसे मरीजों की ओ.पी.डी., टैस्ट और काउंसलिंग बिल्कुल मुफ्त करने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर सेहत विभाग के साथ कंधे से कंधा मिला कर फील्ड में काम करने को भी तैयार हैं। मरीजों को दवा भी वह लिख कर देंगे, मरीज अपनी मर्जी मुताबिक कहीं से भी ले सकेगा। मीटिंग में गैर सरकारी संगठनों के सहयोग के साथ जरूरतमंद मरीजों को दवाएँ भी मुहैया करवाने बारे फैसला किया गया। यह भी स्पष्ट किया गया कि टीका लगाने वाली सिरिंजों की बिना पर्ची खरीदने व बेचने से भी पाबंदी हटा के लिए गई है। स. बिट्टू ने डाक्टरों सेे यह भी अपील की कि देखने में आ रहा है कि जो भी नशे के आदी लोग नशा छोड़ने के लिए सामने आ रहे हैं, उनमें से ज्यादातर एडज, काला पीलिया या अन्य रोगों के साथ भी ग्रसित हो चुके हैं, जिनका ईलाज सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त है। इसलिए ऐसे मरीजों को इन रोगों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों को रैफर किया जाये जिससे उनका इलाज शुरू किया जा सके। बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थिति दर्ज करवाने वालों में विधायक श्री संजय तलवाड़, नगर निगम लुधियाना के मेयर स. बलकार सिंह संधू, काऊंसलर श्रीमती ममता आशु, सिविल सर्जन डा. परविन्दर पाल सिंह सिद्धू, जिला कांग्रेस समिति प्रधान (देहाती) स. गुरदेव सिंह लापरां, डा. पंमी सिंह, डा. राजीव गुप्ता मानस अस्पताल, डा. ए. के. काला कोचर मार्केट, डा. जगजोत सिंह गुरू नानक अस्पताल क्षेत्रफल, डा. अमरप्रीत सिंह दयोल मुल्लांपुर, डा. पंकज, डा. रुपेश, डा. गुरप्रताप सिंह संधू बाड़ेवाल रोड, डा. नवीन के. के. अस्पताल, डा. राजिन्दर कुमार माडल टाऊन एक्सटेंषन और डी. एम. सी. के डाक्टर, सीनियर कांग्रेसी नेता स. शैंपी भट्ठल भनोहड़ षामिल हैं।