संस्कृति मंत्रालय तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) एवं राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से पर्यटन मंत्रालय ने आज नई दिल्ली में विरासत को अपनाने की परियोजना के तीसरे पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। परियोजना के चौथे चरण के अंतर्गत चयनित किए गए एजेंसियों को आशय पत्र प्रदान किए गए। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री के. जे. अल्फोन्स ने 22 स्मारकों के लिए 9 एजेंसियों को आशय पत्र प्रदान किया।विरासत को अपनाने की परियोजना- अपनी धरोहर अपनी पहचान, 27 सितंबर, 2017 को लांच की गई थी। इसका लक्ष्य समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखना तथा पूरे देश में पर्यटन को बढावा देना है। परियोजना के वेबसाइट के अनुसार अब तक 195 पञ्जीकरण हुए है जो उत्साह वर्धक हैं। सरकारी, निजी, विद्यालय और यहां तक की व्यक्तिगत स्तर पर भी लोग इस योजना में शामिल होने की इच्छा रखते है। 95 स्मारकों में पर्यटक अनुकूल सुविधाओं के विकास के लिए ओवरसाइट एंड विजन समिति ने 31 संभावित स्मारक मित्रों का चयन किया है। प्रमुख विरासत स्थलों में लाल किला, कुतुबमीनार, हम्पी, सूर्य मंदिर, अजंता गुफाए, चार मीनार, कांजीरंगा नेशनल पार्क आदि शामिल हैं।कार्यक्रम में पर्यटन मंत्रालय की सचिव श्रीमती रश्मि वर्मा, डीजी पर्यटन श्री सत्यजीत राजन, एडीजी पर्यटन श्रीमती मीनाक्षी शर्मा तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।