पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब की बुरी आर्थिक हालत व उद्योगों की तबाही के लिए अकाली.भाजपा गठबंधन सरकार को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। दो पहाड़ी राज्यो को विशेष औद्योगिक पैकेज बढ़ाने पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए बाजवा ने कहा कि पंजाब को भी उसके सीमावर्ती जिलों के लिए इसी तरह का पैकेज मिलना चाहिए थाए मगर सियासी कारणों के चलते अकाली.भाजपा सरकार ने कांग्रेस का राज्य के लिए ऐसा पैकेज के लिए समर्थन नहीं किया। उन्होंने कांग्रेसी सांसदों व विधायकों के साथ पंजाब के बार्डर जिलों के लिए विशेष पैकेज हेतु प्रधानमंत्री डाण् मनमोहन सिंह को ज्ञापन सौंपा था। अफसोस अकालियों ने इस मुद्दे को दूसरे ढंग से लिया और छोटी सियासत की। बाजवा ने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहाड़ी राज्यों को कोई नया पैकेज नहीं दियाए बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी की पिछली सरकार द्वारा जारी पैकेज को बढ़ाया हैए जिसमें सुखबीर बादल केन्द्रीय राज्य मंत्री थे। फिर भी वह हिमाचल प्रदेश की तरह पंजाब के सीमावर्ती जिलों को विशेष पैकेज देने की मांग को कल पार्टी हाईकमान व केन्द्रीय उद्योग मंत्री के समक्ष उठाएंगे। बाजवा ने कहा कि अकाली.भाजपा सरकार ने उद्योगों पर भारी टैक्स लगाएए कच्चे माल पर वैट बढ़ाया और बिजली के रेटों को देश में सबसे अधिक कर दिया। कांग्रेस ने कई अवसरों पर उप मुख्यमंत्री को पंजाब में उद्योगों के पलायन के खिलाफ चेतावनी दीए जो मुख्यमंत्री कार्यालय का नेतृत्व करते हैं। कांग्रेस ने ही पक्ष लिया कि यदि राज्य सरकार बार्डर जिलों में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कोई कदम उठाएए तो उद्योगों के पलायन को रोका जा सकता है। बाजवा ने कहा कि उद्योगों के लिए तीन प्रमुख चीजें जरूरी हैंए भूमिए पानी व मानवीय क्षमताए जो सीमावर्ती जिलों में आसान व सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं। जबकि मोहाली व लुधियाना जैसे औद्योगिक शहरों में उद्योगों को प्रोत्साहत करने के लिए न भूमिए न पानी व न ही श्रम उपलब्ध है। गैर वाजिब टैक्सोंए पॉवर कटों में बढ़ोतरी की आशा होने के चलते बड़ी संख्या में उद्योग पहाड़ी राज्यों में शिफ्ट हो गए। प्रदेश कांग्रेस प्रधान ने कहा कि अकाली.भाजपा सरकार ने पूरे पंजाब में विशेष औद्योगिक पैकेज उपलब्ध करवाने के लिए कभी भी सही कदम नहीं उठाया। उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए अकाली.भाजपा सरकार कोई भी संभव योजना लाने में नाकाम रही है और हिमाचल प्रदेश में उद्योगों के पलायन को रोकने के लिए कोई कदम न उठाया गया। अकाली.भाजपा सरकार द्वारा घोषित असंतुलित नीति ने वर्तमान उद्योगों व स्माल स्केल इंडस्ट्री को कोई राहत न दी। अकाली.भाजपा नेताओं में दूरदॢशता की कमी के चलते विकास कार्यों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा दिए फंड भी कुएं में जा रहे हैं। सुखबीर व उसके पिता प्रकाश सिंह बादल ने लोगों को अपाहिजए अशिक्षित व गरीब बनाकर अपनी किस्मत पर निर्भर बनाते हुए पीछे की तरफ चलने वाली सोच का विकास किया है। ऐसा व्यवहार बादल परिवार के लिए तो सत्ता में बने रहने में सहायक हो सकता हैए लेकिन पंजाब के लोगों को सबसे बुरे वक्त की ओर ले जा रहा है। बाजवा ने कहा कि पंजाब सरकार के पास अपने स्टाफ को तनख्वाह व गरीब विधवाओं और अंगहीनों को पैंशने देने के लिए पैसे नहीं हैए परंतु सुखबीर सरकारी फंडों को विदेशी दौरोंए इन्वेंस्टमेंट समिटोंए एनण्आरण्आई सम्मेलनोंए बड़े शहरों में मैट्रो नेटवर्क बिछाने व मोहाली से अमृतसर तक एक्सप्रैस हाइवे बनवाने के लिए सर्वे करवाने पर बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वाहवाही लूटने के लिए अमेरिका की पब्लिक रिलेशन कंपनी को हायर किया हैए जैसे अगले अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे हों। शायद सुखबीर के पीण्आरण् ने उनको नहीं बताया कि लोग उनके चरित्र को मखौलिए से अधिक नहीं समझते। बाजवा ने दोनों बाप.बेटे को वास्तविकता का सामना करने व राज्य के लोगों की हालत पर तरस खाते हुए सडक़ पर चलने की सलाह दी है।