उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने आज कहा कि शिक्षा क्षेत्र में प्रधान मंत्री द्वारा की गई पहल यह सुनिश्चित करेगी कि छात्रों को विशेष रूप से दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों को गुणवत्ता षिक्षा के अवसर मिले, ताकि वे भारत को वैश्विक शैक्षणिक केंद्र बनाने में अपना योगदान कर सकें।जयपुर राजस्थान में कुकास इंडस्ट्रियल एरिया में शंकर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर के युवा समारोह, एसईईटीई 2018 के सिलसिले में आयोजित एक समारोह में उपमुख्यमंत्री ने यह कहा।राजस्थान की राज्यपाल श्रीमती सत्य प्रकाश मलिक, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, देश के विभिन्न राज्यों, राजस्थान सरकार कई मंत्री, शिक्षाविद और छात्र उपस्थित थे।उन्होंने कहा कि छात्रों को शिक्षा, सीखने की प्रक्रिया सरल और समझने में आसान बनाने के लिए आधुनिक तकनीक की मदद लेने की जरूरत है, ष्उन्होंने कहा और कहा कि युवा भविष्य है और उन्हें शिक्षा और खेल में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रदान करने के लिए जिम्मेदार है ताकि वे देश के लिए गौरव ला सकें।
प्रधान मंत्री द्वारा की गई पहलों का जिक्र करते हुए, उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में नई प्रौद्योगिकियों को शुरू करने के लिए विशेष और ऐतिहासिक पहल की है ताकि छात्रों के लिए शिक्षा प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें गुणवत्ता की सुविधा मिलती है दुनिया के कई विकसित देशों उन्होंने कहा कि ये शैक्षणिक क्षेत्र के भविष्य को और राष्ट्र के युवाओं को भी रूप देने में सहायक होगा।उन्होंने कहा, ‘‘प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद से, वह प्रभावी रूप से देश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के साथ देश के शिक्षा क्षेत्र को आवश्यक प्रोत्साहन देने के लिए सुनिश्चित कर रहे हैं।’’इस तरह की कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना करते हुए डॉ सिंह ने कहा कि ये हमारे देश के युवाओं के साथ एक साथ आने, विचारों का आदान-प्रदान करने और संस्कृति और विरासत को समझने के लिए आवश्यक मंच उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक मंच प्रदान करना बहुत आवश्यक हैं। राष्ट्र के अन्य भागों उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में उन्हें अनुत्पादक और विघटनकारी गतिविधियों से दूर करने और उन्हें राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में मुख्यधारा देने की भी सुविधा है।