उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु से गगरेट तथा संसारपुर टैरेस में ईएसआई अस्पताल खोलने का आग्रह किया है ताकि क्षेत्र के औद्योगिक कामगारों व स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सके। श्री बिक्रम सिंह ने केन्द्रीय मंत्री से आज नई दिल्ली में मुलाकात की।उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि गगरेट औद्योगिक चेन अंब, गगरेट, टालीवाल व मैहतपुर क्षेत्र का हिस्सा है, जहां पर सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों की 36 इकाईयां हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में 250 से अधिक मध्यम तथा बड़े उद्योगों में उत्पादन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के 15000 कामगारों को स्वास्थ्य सुविधा उपचार के लिए चण्डीगढ़ जाना पड़ता है, इसी प्रकार, संसारपुर टैरेस क्षेत्र में स्थापित 30 औद्योगिक इकाईयों में 3000 कामगार कार्यरत हैं । इसके अतिरिक्त अनेक निजी प्रतिष्ठानों और 30 पंचायतों की 35 हजार जनसंख्या भी इसकी परिधि में आती हैं। उन्हांने कामगारों तथा क्षेत्र के गरीब लोगों को सामाजिक सुरक्षा व स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कम से कम 50 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल स्थापित करने का आग्रह किया।श्री बिक्रम सिंह ने ‘मेक इन हिमाचल’ कार्यक्रम के अन्तर्गत स्थापित किए जा रहे उद्योगों के लिए विशेष पैकेज उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। 2013 में अधिसूचित योजना के अनुसार नए उद्योगों और पूर्व में स्थापित उद्योगों के विस्तार के लिए केन्द्रीय भाड़ा अनुदान, केन्द्रीय पूंजी निवेश अनुदान आरम्भ किए थे, जिनमें सीजीएसटी का 50 प्रतिशत वापसी टर्म ऋणों में अनुदान व क्रियाशील पूंजी व आयकर छूट शामिल है।उन्होंने हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन पैकेज, छूट व सुविधाएं शीघ्र तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तत्कालीन एनडीए सरकार द्वारा वर्ष 2003 में दिए गए पैकेज के चलते औद्योगिक क्षेत्र ने अभूतपूर्वक उन्नति की है, जिससे प्रदेश ने निवेश में 88 प्रतिशत तथा रोज़गार में 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।