केन्द्र द्वारा उत्तरप्रदेश राज्य सरकार को दिए गए विकास के वादे का पूरा करने के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री राजीव प्रताप रूडी ने आज यूपी के ओद्यौगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना के साथ मुलाकात की।दोनों मंत्रियों ने उत्तरप्रदेश में युवाओं के कौशल विकास की सम्भावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया कैसे कौशल गतिविधियों को बढ़ावा देकर राज्य में औद्यौगिक योजनाओं में तेज़ी लाई जा सकती है। श्री महाना ने बताया कि राज्य ने क्षेत्र में तीन आद्यौगिक समूहों को सूचीबद्ध किया है, ये ओद्यौगिक समूह नोएडा, आगरा और कानपुर में हैं; जो उत्तरप्रदेश में ओद्यौगिकीकरण में तेज़ी ला सकते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे पास तैयार कार्यबल होना बहुत ज़रूरी है, जिनके पास अत्याधुनिक कौशल और तकनीकी ज्ञान हो ताकि हमारी नवगठित सरकार के मिशन को अंजाम दिया जा सके।श्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा, ‘‘हमने स्किल इण्डिया के तहत ऐसे कई पाठ्यक्रम पेश किए हैं जो उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुसार राष्ट्रीय कौशल गुणवत्ता ढांचे (नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क) के अनुसार संरेखित हैं। हम माननीय प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना के मद्देनज़र नए उत्तरप्रदेश के निर्माण में सम्पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। हमारी यह पहल बेहतर नौकरियों की तलाश में यूपी से युवाओं के अप्रवास की समस्या को भी हल करेगी, साथ ही राज्य में ओद्यौगिक विकास को प्रोत्साहित करेगी।’’ ‘‘श्री आदित्यनाथ योगी जी के मार्गदर्शन में राज्य के विकास में तेज़ी आई है, इसके लिए हम उत्तरप्रदेश सरकार को बधाई देना चाहेंगे। हमें विश्वास है कि केन्द्र एवं राज्य आपसी सहयोग से यूपी को विकास की दिशा में अग्रसर करेंगे और नए भारत के निर्माण में योगदान देंगे जिसका सपना श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देखा है।’’ उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ;डैक्म्द्ध अपनी शाखा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के माध्यम से राज्य में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए यूपी के निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम करता रहा है। अल्पकालिक कौशल विकास पाठ्यक्रमों के तहत, अब तक राज्य में 3.65 लाख विद्यार्थियों को कौशल प्रदान किया जा चुका है, जिसमें से 50 फीसदी को नौकरी भी मिल गई है। बैठक में यूपी स्किल डेवलपमेन्ट मिशन टीम ;न्च्ैक्डद्ध के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया जिन्हें केन्द्र के साथ मिलकर केन्द्रीय योजनाओं के अनुसार काम करने के लिए कहा गया, ताकि परियोजना के सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा सके। श्री रूडी ने कहा कि राज्य में हुए विकास के आधार पर हम प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जॉब रोल्स बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य को क्षेत्र विशिष्ट कौशल परियोजनाओं तथा आवश्यकता आधारित परियोजनाओं की पहचान करनी होगी। उदाहरण के लिए अगर एक प्रमुख मोबाइल कम्पनी राज्य में अपनी मैन्युफैक्चरिंग युनिट स्थापित करना चाहती है तो हमारे पास उसके लिए तैयार कुशल कार्यबल होना चाहिए।’’एमएसडीई राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करेगा ताकि सरकार द्वारा संचालित पहलों की करीब से निगरानी की जा सके। राज्य एक केन्द्रीय पोर्टल का इस्तेमाल भी कर सकेगा जिसमें कौशल प्रणाली के अनुरूप सभी ज़रूरी आंकड़ों और कार्यबल का विवरण होगा। एमएसडीई रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग ;त्च्स्द्ध प्रोग्राम के सफलतापूर्वक संचालन के लिए न्च्ैक्ड के साथ काम करेगा जो एक व्यक्ति के पूर्व अनुभव का मूल्यांकन करती है और उनकी विशेषज्ञता के अनुसार उन्हें सरकारी एवं ओद्यौगिक प्रमाणपत्र देती है।