प्रोगरैसिव पंजाब निवेश सम्मेलन की सफलता उपरांत आज पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल ने राज्य की कृषि आधारित अर्थ-व्यवस्था को देखते राज्य सरकार द्वारा 13-24 फरवरी 2014 को मैगा कृषि सम्मेलन बुलाए जाने का एलान किया है। गांव बदियाला में संत बाबा फतेह सिंह की बरसी के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह दौरान पत्रकारों से बातचीत करते पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन में सरकार द्वारा प्रगतिशील किसानों, कृषि निपुणों और अग्रणी कृषि आधारित कंपनियों को विश्वभर में निमंत्रण दिया जाएगा ताकि किसानों को मौजूदा कृषि संकट में निकालने के लिए आर्थिक प्रयत्न किए जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य के औद्योगिक विकास के साथ-साथ कृषि सैक्टर का भी विकास किया जाएगा ताकि राज्य की आर्थिकता का सर्वपक्षीय विकास हो सके।मुख्यमंत्री ने मोहाली में हुए प्रोगरैसिव निवेश सम्मेलन को पूरी तरह से सफल बताते हुए कहा कि राज्य में 65 हज़ार करोड़ रूपए का निवेश शीघ्र ही होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से अनेकों ही नई बातें को पता लगा है और औद्योगिक विकास के लिए नए मार्ग खुले हैं और इसी आधार पर अब स्वास्यि एवं शिक्षा क्षेत्र के लिए अलग सम्मेलन बुलाने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसैसिंग सैक्टर में होने जा रहे निवेश का सीधा लाभ राज्य के किसानों को मिलेगा।एक अन्य प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयत्नों कारण पंजाब बिजली सरप्लस राज्य बनने जा रहा है पर फिर भी सरकार सौर्य ऊर्जा और कृषि बेस्ट मैटीरियल से बिजली पैदा करने के लिए प्लांट लगाने की संभावनाओं पर जोर दे रही है। इसके साथ जहां वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने जा सकेगा वहां किसानों को पराली से कुछ आमदन भी हो सकेगी।
इससे पहले संत बाबा फतेह सिंह को उनकी 41 वीं बरसी अवसर दौरान भावभीनी श्रद्धांजलि भेंट करते मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके एक तरह जहां भाईचारक सांझ की मज़बूती के लिए बड़ा योगदान डाला वहां उन्होंने अपना समूह जीवन मानवता के कल्यसाण के लिए लगा दिया। उन्होंने पंजाबी राज्य के गठन में संत बाबा फतेह सिंह द्वारा डाले विलक्षण योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक, धार्मिक और सियासी तीनों क्षेत्रों में पंजाब की बहुमूल्य सेवा की। मुख्यमंत्री ने एलान किया कि अगले वर्ष से संत बाबा फतेह सिंह की बरसी राजकीय स्तर पर ही आयोजित की जाएगी।बादल ने कहा कि कांग्रेस की अगुवाई वाली केन्द्र की यू पी ए सरकार किसान और मजदूर विरोधी है। इसकी नीतियों कारण देश में मंहगाई बढ़ी है। कांग्रेस ने लम्बा समय देश में राज्य किया है और यह पाटभर्् हमेशा ही लोगों को झूठे वादों और नारों द्वारा मत बटोर कर सत्ता में आती रही है पर कांगग्रेस ने कभी भी गरीब और किसानों के कल्याण के लिए कुछ नहीं किया। पर अब देश का मतदाता जागरूक हो चुका है और चार राज्यों में हुए विधान सभी चुनावों में लोगों ने कांग्रेस को करारी मात दी है। उन्होंने कहा कि अब मुल्क में सियासी हवा का रूख पुरी तरह से एन डी ए के पक्ष में है औेर आगामी आम चुनावों के उपरांत देश मेंं एन डी ए की सरकार बननी तय है।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों कारण राज्य की किरसानी मुश्किल दौर में चल रही है। केन्द्र सरकार ने फसलों की लागतों और उपज के मूल्य निर्धारित करने के सभी अधिकार अपने तक सीमित कर रखे हैं जिस कारण आज कृषि लाभप्रद धंधा नहीं रही। इसी कारण किसानों की सहायताके लिए पंजाब सरकार वार्षिक 5000 करोड़ रूपए की बिजली सबसिडी किसानों को दे रही है।इस अवसर पर सिंचाई मंत्री स.जनमेजा सिंह सेखों ने मुख्यमंत्री पंजाब को इस समारोह में पहुंचने पर अभिनंदन किया औरे पंजाब सरकार द्वारा इलाके में सिंचाई सुविधाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों संबंधी जानकारी दी। इस अवसर पर सम्बोधन करने वालों में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री बलवंत सिंह रामूवालिया, स.अमरजीत सिंह सिद्धू, श्री मेजर सिंह ढिल्लों और गुरतेज सिंह दोनों सदस्य एस जी पी सी, पूर्व सदस्य एस जी पी सी मनजीत सिंह बप्पीआना, स.सुखविंदर सिंह औलख पूर्व विधायक भी शामिल थे। इस अवसर पर अन्यों के अतिरिक्त संत बाबा नथ्था सिंह, श्री सुखबीर सिंह बदियाल /भतीजा संत फतेह सिंह/, डिप्टी कमिश्रर बठिंडा श्री कमल किशोर यादव भी उपस्थित थे। इस अवसर पर गांव की पंचायत ने मुख्यमंत्री को यादगारी चिन्न भी भेंट किया।