पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने कुछ मंत्रियों सहित वरिष्ठ अकाली नेताओं के खिलाफ दर्ज अपराधिक ममलों को रद्द किए जाने का सख्त नेटिस लेते हुए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ राजनीतिक दुश्मनी निकालने का आरोप लगाया है। बाजवा ने कहा है कि पहेलीनुमा है कि कैसे अकाली-भाजपा सरकार ने अपने सभी मंत्रियों व वरिष्ठ अकाली नेताओं को क्लीन चिट दे दी, जबकि कांग्रेसी नेताओं को पुलिस द्वारा दर्ज झूठे मामलों के तहत परेशान किया जा रहा है। यह हैरानीजनक खुलासा भारतीय चुनाव आयोग द्वारा अकाली-भाजपा सरकार से लंबित अपराधिक मामलों बारे पूछने पर हुआ है। उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया, शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका, पूर्व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रधान बीबी जगीर कौर, मुख्य संसदीय सचिव इंदरबीर सिंह बुलेरिया व अमरपाल सिंह बोनी, अकाली नेता अलविंदर पाल सिंह पखोके और विधायक जोगिंदरपाल जैन के खिलाफ लंबित केसों को रद्द कर दिया गया या फिर अनट्रेस दर्शाया गया है। बीबी जगीर कौर व कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल सिंह खैहरा को उनके बेटे के साथ आई.पी.सी. की धारा ३३६, १६०, ४२७, १४८, १४९ व १८८ के तहत समान मामले में नामजद किया गया था। पुलिस ने बीबी जगीर कौर के केस को रद्द करने संबंधी रिपोर्ट व खैहरा के खिलाफ चार्जशीट फाईल की। बाजवा ने कहा कि २००९ संसदीय चुनावों के दौरान कांग्रेसी वर्करों पर बिक्रम सिंह मजीठिया के नेतृत्व वाले अकाली वर्करों ने तलवंडी साबो के निकट हमला किया था। उसके खिलाफ ७ मई, २००२ को हत्या की कोशिश की धारा ३०७ व आम्र्ज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था और पुलिस ने अदालत में ट्रेसेबल रिपोर्ट ही फाईल नहीं की। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह कांगड़ को ११ जनवरी, २०१२ को आई.पी.सी. की धारा ३०७ के तहत नामजद किया गया था, जबकि वह मौके पर मौजूद नहीं थे। वह अदालत में ट्रायल का सामना कर रहे हैं। बाजवा ने कहा कि अकाली नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले रद्द और कांग्रेसी नेताओं के मामले आगे बढ़ा दिए गए। उन्होंने भारतीय चुनाव आयोग को अकाली-भाजपा सरकार द्वारा कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दर्ज केसों में नोटिस लेने और बिना ट्रायल रद्द किए मामलों पर राज्य पुलिस से जवाब मांगने की अपील की है। बाजवा ने कहा कि यह साफतौर पर सियासी दुश्मनी का मामला है और इससे बादल के सियासी दुश्मनी के खिलाफ होने संबंधी दावों की हवा निकल गई है। बादल सुविधा के मुताबिक विभिन्न सियासी पार्टीयों के खिलाफ रवैया अपना रहे हैं। उन्होंने चुनावों के दौरान कांग्रेसियों पर दर्ज मामलों को वापिस लेने की मांग की है।