राज्यपाल उर्मिला सिंह ने आज यहां राजभवन में एक सादे किन्तु गरिमापूर्ण समारोह में न्यायमूर्ति मंसूर अहमद मीर को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थे।कार्यकारी मुख्य सचिव श्री पी. मित्रा ने कार्यवाही का संचालन किया तथा ‘वारंट ऑफ अपाइंटमेंट’ को पढ़ा। अधिसूचना के अनुसार, न्यायमूर्ति मंसूर अहमद मीर द्वारा अपने कार्यालय का पदभार संभालने के दिन से ही हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के कार्य को देखेंगे।न्यायमूर्ति मंसूर अहमद मीर का जन्म जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिला के राजपुरा में 25 अप्रैल, 1955 को हुआ। उन्होंने वर्ष 1978 में एलएलबी की डिग्री हासिल की और वर्ष 1992 में उच्च न्यायिक सेवाओं में शामिल हुए। उन्हें 31 जनवरी, 2005 को जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश तथा 7 जुलाई, 2007 को जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया गया।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती विद्या स्टोक्स, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री जी.एस.बाली, उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रो. प्रेम कुमार धूमल, विधायकगण, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, लोकायुक्त श्री एल.एस. पांटा, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के महाधिवक्ता श्री श्रवण डोगरा, लोअर कोर्ट के न्यायाधीश, सेवानिवृत न्यायाधीश, नगर निगम शिमला के महापौर श्री संजय चौहान, राज्य सूचना आयुक्त श्री भीम सेन, पुलिस महा निदेशक श्री संजय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी.सी. फारका, प्रधान सचिव, सचिव, बार काउंसिल के सदस्य तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।