केंद्र एवं प्रदेश की भाजपा सरकार बात तो डिजिटलाइजेशन की करती है लेकिन हकीकत यह है कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों में एक भी स्थाई अध्यापक कंप्यूटर पढ़ाने के लिए नहीं है। ऐसे में यह कैसे संभव है कि शिक्षा की गुणवत्ता उच्च होगी क्योंकि अस्थाई अध्यापकों को यही बात खलती रहेगी कि न जाने कब उनकी नौकरी चली जाए। क्योंकि उनके पास स्वयं स्थाई रोजगार नहीं है, वह तो खुद ही बेरोजगार जैसे है । यह बात हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में बेरोजगार युवा-कारण एवं निवारण मंथन विषय पर आयोजित युवा अधिवक्ताओं की एक राष्ट्र्रीय संगोष्ठी में बोलते हुए कही।सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वर्तमान समय में डिग्री की कोई खास महत्ता नहीं रह गई है, क्योंकि सरकार की गलत नीतियों के कारण जगह जगह पर स्कूल कॉलेज के नाम पर दुकाने खोल दी गई हैं। जिस कारण शिक्षा की गुणवत्ता पर भारी असर पड़ा है । उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पीएचडी धारक भी बेरोजगार घूम रहे हैं इसके लिए वर्तमान एजुकेशन सिस्टम पूरी तरह से जिम्मेदार है । इनेलो सांसद ने कहा कि इस सिस्टम के लिए ब्यूरोक्रेट्स भी उतने ही जिम्मेदार है क्योंकि ब्यूरोक्रेट्स का हमारे देश में कोई रिव्यू सिस्टम नहीं है। सांसद दुष्यंत चौटाला ने मांग की कि हर 10 साल में एक कमेटी देश एवं प्रदेश के ब्यूरोक्रेट्स के कामों का रिव्यू करें और जो अधिकारी अच्छे काम करता है उसी को ही पदौन्नति मिले।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार की अदूरदर्शिता के चलते ही आज सरकारी विभागों में हजारों पद खाली पड़े हैं जिस कारण बेरोजगारी बढ़ी हुई है। युवा सांसद ने कहा कि अकेले सरकारी नौकरी से ही बेरोजगारी दूर नहीं होगी। इसके लिए निजी क्षेत्र में भी युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि पुराने समय में किसान भी अपनी खेती बाड़ी में पारंगत होता था, लेकिन वर्तमान समय के मशीनी युग के इस दौर में किसान के बच्चे भी बेरोजगार हो गए हैं। इनेलो सांसद ने कहा कि इस तरह के सेमिनार भविष्य में भी आयोजित किए जाने चाहिए जिस कारण कोई ऐसी व्यवस्था उभरकर सामने आए जो बेरोजगारी को दूर कर सके। इससे पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला का बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक कुंडू, कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर वीरेंद्र सिंधु तथा कन्वीनर परमजीत तहलान में पुष्प भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर एडवोकेट बलवान सुहाग, प्रदीप देशवाल, रविंद्र ढुल, अनिल घनघस, रामवीर बडाला, डॉक्टर कुलदीप नारा, एड्वोकेट उपेंद्र कादियान,नरेंद्रराज गागड़वास व एडवोकेट कृष्ण कौशिक सहित सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित थे।