राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत देते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सीमावर्ती जिलों के डिप्टी कमीशनरों को भारत पाक सीमा पर कांटेदार तार के पार पड़ती जमीन के मालिक किसानों को एक सप्ताह में मुआवजा राशि बंाटने के आदेश दिये।आज यहां किसानों को मुआवजा राशि बांटने की शुरूवात करने संबंधी करवाये गये राज्य स्तरीय समारोह दौरान एक बड़े एकत्र को संबोधन करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के इस विशेष प्रयत्न का लाभ कांटेदार तार के पार २१ हजार एकड़ जमीन के मालिक सैंकडो किसानों को होगा । उन्होने कहा कि राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्र के बहादुर किसानों की सहायता करना अपना कर्तव्य समझती है क्योकि कांटेदार के कारण इन किसानों को प्रतिदिन परेशानियां झेलनी पड़ती है स. बादल ने कहा कि पंजाब के इन बहादुर किसानों की सहायता के लिए क ोई कसर बाकी नही छोड़ी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन किसानों को पेश समस्याओं से वह भली भांति अवगत है जिस कारण उन्होने भारत सरकार समक्ष इस मामले को उठाया। उन्होने कहा कि वर्ष १९९७-२००२ में अकाली भाजपा गठबंधन की सरकार दौरान इन किसानो को २५०० रूपये प्रति एकड़ मुआवजा राशि देने के लिए योजना अंरभ की गई थी और अब यह मुआवजा राशि बढाकर प्रति एकड़ दस हजार रूपये कर दी गई है। स. बादल ने कहा क सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों को पेश समस्याएं कम करने के लिए यह छोटा सा प्रयत्न आंरभ किया गया था।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केन्द्र में कांगे्रस की सरकारों ने किसानों के हितों की कभी भी परवाह नही की। उन्होने कहा कि कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता वाली कांग्रेस सरकार ने तो इस स्कीम को बंद ही कर दिया था। राज्य के कांगे्रस मुख्य पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुये स. बादल ने कहा कि पंजाब कांग्रेस की कर्जा मुक्ति मुहिम सरासर धोखा है उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में कैप्टन का कार्यकाल किसान विरोधी कार्यकाल के रूप में जाना जाता है पंरतु अब सत्ता की भूख मिटाने के लिए कांग्रेस ऐसे झूठे वायदे कर रही है।कैप्टन अमरेन्द्र सिंह और ४२ कांग्रेसी विधायकों द्वारा दिये इस्तीफो को महत राजनीतिक स्टंट करार देते हुये मुख्यमंत्री ने कांग्रेस द्वारा राज्य के दरियाई पानियों पर डाका मारने के लिए बनाई गई राजनीतिक साजिशों को यह याद करते हुये कहा कि पंजाब के संकट के लिए तत्काली प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी प्रयत्क्ष रूप से जिम्मेवार है उन्होने कहा कि श्रीमती गांधी ने पंजाब के उस समय के मुख्यमंत्री श्री दरबारा सिंह के साथ जबरदस्ती करके पंजाब के पानी हरियाणा को देने वाले समझौते पर हस्ताक्षर करवाये और उनके द्वारा पंजाब की दरियाई पानियों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की पटीशन को वापिस करवाया। स. बादल ने कहा कि कैप्टन अमरेन्द्र सिंह उस समय पटियाला लोक सभा हल्के से सांसद थे जिन्होने कपूरी में नहर का टक लगाने के लिए इंदिरा गांधी का स्वागत करते हुये उसको चांदी की कस्सी भी पेश की। उन्होने कहा कि जब कांग्रेस नहर का टक लगाने का जश्र मना रही थी तो उस समय शिअद ने पंजाब के अधिकारों के लिए लम्बे समय शांतिपूर्वक लोकतंत्रीय मोर्चा लगाया। जिस के नतीजे के रूप में पंजाब का पानी बाहर नही जा सका।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सतलुज यमुना लिंक नहर कभी भी वास्तविक रूप नही ले सकती। उन्होने लोगों को राज्य के दरियाई पानियों की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार की कुर्बानी करने के लिए तैयार रहने का निमंत्रण दिया। स. बादल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब के पास किसी को देने के लिए पानी की एक बूंद भी अतिरिक्त नही है। उन्होने कहा कि राज्य की समय समय की कांग्रेस सरकारों ने एसवाईएल के मामले पर पंजाब के साथ घोर अन्याय किया। उन्होने कहा कि अकाली दल एसवाईएल नहर समझौते का डटकर विरोध करता है और अब भी इस बात के लिए दृढ है कि किसी भी कीमत पर इस नहर का निर्माण करने की इजाजत नह दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा पंजाब के साथ की धक्केशाही व गुनाहों को पंजाबी कभी भी नही भूल सकते। उन्होने कहा कि एक सच्चा पंजाबी साका नीला तारा और १९८४ में हुये हजारों बेगुनाह सिक्खों के कत्लेआम जैसी दिल दहलाने वाली घटनाओं को कभी भी नही भूलेगा। उन्होने कहा कि कांग्रेस के इन गुनाहों को कभी भी माफ नही किया जा सकता।
राज्य सरकार द्वारा किये लोकपक्षीय कार्यो का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली भाजपा गठबंधन सरकार किसानों को कृषि संकट से निकालने के लिए वार्षिक ५ हजार करोड़ की निशुल्क बिजली टूयबवैलों को उपलब्ध करवा रही है। उन्होने कहा कि देश में पंजाब ही ऐसा राज्य है पंजाब कमजोर वर्गो को आटा दाल योजना का लाभ देने के अतिरिक्त कैंसर व हैपेटाईटिस-सी जैसी घातक बीमारियों के लिए निशुल्क ईलाज यकीनी बनाया जा रहा है स. बादल ने कहा कि एक अन्य एतिहासिक निर्णय में किसानों को पचास हजार रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा और परिवार के मुख्य की मौत हो जाने या नकारा हो जाने की सूरत में पांच लाख रूपये का बीमा देने की सुविधा दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब व पंजाबियों के अधिकारों का असली पैहरदार शिअद ही है। उन्होने कहा कि गठजोड़ सरकार का पिछला लगभग दस वर्ष का कार्यकाल अपना प्रत्येक वायदा पूरा करने की गवाही भरता है स. बादल ने कहा कि गठबंधन सरकार अपने वायदे पूरे किये जबकि दसूरी राजनीतिक पार्टियंा अपने झूठे प्रचार द्वारा लोगों को गुमराह करती है।
मुख्यमंत्री ने लोगों को तीसरी बार शिअद-भाजपा गठबंधन की सरकार बनाकर सही हाथों में राज्य की तकदीर सौंपने का निमंत्रण दिया। उन्होने कहा कि आगामी चुनावों में गठबंधन को डाली जाने वाली प्रत्येक वोट राज्य में स्थिरता , विकास , अमन-शांति विकास व कुशल शासन के लिए होगी।इससे पहले राजस्व व सूचना एवं लोक सम्पर्क मँत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया ने किसान भाईचारे की दुख तकलीफे घटाने के लिए गहरी दिलचस्पी लेने पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होने कहा कि राज्य सरकार निशुल्क बिजली, आटा दाल स्कीम, टयूबवैल कुनैक्षन देने सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए अत्याधिक प्रयत्न किये है स. मजीठिया ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास के लिए खुले दिल से फंड देने के लिए मुख्यमंत्री की प्रंशसा की।
एसवाईएल लिंक नहर की जमीन डीनोटीफाई करके किसानों को वापिस मोड़ कर इस मामले को सदा के लिए दफन कर देने के लिए मुख्यमंत्री को बधाई देते हुये स. मजीठिया ने मुख्यमंत्री को किसानों के अधिकारों का असली रखवाला बताया। कांग्रेस के राज्य प्रधान कैप्टन अमरेन्द्र सिंह द्वारा आम लोगों की पहुंच से दूर रहने पर चुटकी लेते हुये स. मजीठिया ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को पंजाब व पंजाबियों का बिल्कुल भी फिक्र नही दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुये स. मजीठिया ने केजरीवाल द्वारा एसवाईएल नहर के मामले पर चुप्पी के लिए प्रश्र करते हुये कहा कि केजरीवाल व उसकी टोली राजनीतिक गिरगिट के तरह है जिन्होने सतलुज यमुना लिंक नहर के मुददे पर लगातार रंग बदले।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योग्य लाभपात्रियों को मुआवजा राशि के चैक सौंपे।इस अवसर पर विधायक प्रो. विरसा सिंह बलटोहा, स. हरमीत सिंह संधू व बलजीत सिंह जलालउसमा, श्रीमती परनीत कौर कैरों, मुख्यमंत्री के संयुक्त विशेष प्रमुख सचिव श्री कुमार अमित, डीआईजी श्री एके मित्तल, डिप्टी कमीशनर श्री डीपीएस खरबंदा और जिला पुलिस मुख्य श्री मनमोहन सिंह उपस्थित थे।