सतगुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज के आर्शीवाद से संत निरंकारी सत्संग भवन गढ़दीवाला में संत समागम करवाया गया। जिसमें हरियाना ब्रांच के मुखी डा. रत्न सिंह विशेष तौर पर उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि मानव जीवन इंसान को बड़े कर्मो से मिला है, इंसानी जीव का धरती पर आने का एक उद्देश्य है यह है इस निराकार परमात्मा की जानकारी सतगुरु की शरण में जाकर हासिल करना। इस उद्देश्य को इंसान भूलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंसान माया के पीछे लगकर माया पति को भूल गया है, जो इंसान के लिए दुखों का कारण बन रहा है। मन की मत के अनुसार चलने वाला इंसान हमेशा गिरावट की आेर जाता है जबकि सतगुरु की मत के अनुसार चलने वाला इंसान तरक्की के रास्ते पर बढ़ता जाता है। जब इंसान सतगुरु के बताए रास्ते पर चलता है तो उसके जीवन में प्यार, निर्मता व सहनशीलता अपने आप ही आ जाती है। इस अवसर पर संचालक महात्मा सुरजीत सिंह ने आए हुए महात्मा डा. रत्न सिंह का धन्यवाद किया। इस अवसर पर अवतार सिंह, सुखबीर सिंह, सतपाल सिंह, नागरमल जी, मलकीयत सिंह, राम प्रकाश धूतकलां, शशि बाला, परमजीत कौर, सुषमा रानी, नरिंदर सिंह आदि उपस्थित थे।