इनेलो के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जिस प्रकार भाजपा ने गुजरात में दंगे करवाए थे, उसी प्रकार हरियाणा में भी एक साजिश के तहत भाजपा ने आपसी भाईचारा खराब करने का काम किया। जिस गुजरात मॉडल की बार-बार भाजपा नेता बात करते थे, उसी गुजरात की तर्ज पर हरियाणा में भी भाजपा ने आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिलाया। अभय सिंह चौटाला जींद जिले के झांझ गांव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर इनेलो द्वारा आयोजित सद्भावना सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इनेलो नेता ने असंध हलके के पाडा गांव में भी सद्भावना सम्मेलन को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा भाजपा ने गुजरात में हिंदू-मुसलमानों को आपस में लड़वाकर वहां पर दंगे करवाए थे। भाजपा की आपसी फूट डालने की नीति रही है। इसी के तहत हरियाणा में भी एक साजिश रची गई और यहां भाईचारा खराब हुआ। हरियाणा में मुसलमानों की संख्या कम होने के कारण दंगे भड़काने में तो भाजपा सफल नहीं हुई लेकिन उसने जातिवाद को अपना हथियार बनाकर आगजनी, लूट आदि की घटनाओं को अंजाम दिलवा दिया। इस घटना को आरएसएस के लोगों ने सबसे ज्यादा हवा दी।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि 1990 में जब चौ. देवीलाल देश के उपप्रधानमंत्री थे तो उन्होंने 10 जातियों को आरक्षण दिलाने के लिए जस्टिस गुरनाम सिंह आयोग की स्थापना करवाई थी। इसमें सभी को आरक्षण दिया गया था। जैसे ही सरकार बदली तो हरियाणा के मुख्यमंत्री बनने के बाद चौ. भजनलाल ने पांच जातियां को एक साजिश के तहत आरक्षण से बाहर करवा दिया। उन्होंने एक भाजपा नेता से रिट डलवाई थी। उसके बाद 1991 से 2016 से आरक्षण के लिए कई बार आवाज उठती रही और दबाई जाती रही। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के बार-बार टरकाऊ निर्णय के बाद दुखी होकर लोगों को सड़कों पर बैठना पड़ा। यह लोग शांतिपूर्व आंदोलन कर रहे थे लेकिन आरएसएस के लोगों ने एक साजिश के तहत इसे भड़का दिया और प्रदेश के 31 बेकसूर नौजवान इसकी भेंट चढ़ गए। इसमें कांग्रेस के लोगों ने भाजपा का साथ दिया। उन्होंने कहा कि कैप्टन अभिमन्यु की कोठी को तीन बार आग लगाई गई लेकिन कोई भी व्यक्ति एक बार तो तैश में आकर आग लगा सकता है लेकिन बार-बार नहीं लगा सकता। इसके पीछे साजिश रची गई ताकि लोगों को फंसाया जा सके।
इनेलो नेता ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के निर्देश अनुसार इनेलो ने प्रदेश में फिर से भाईचारा कायम करने के लिए बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को सद्भावना के रुप में मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी को आपस में मिलकर रहना है। आप जिस भी दुकान, मकान, बैठक या किसी अन्य स्थान पर जाओ तो वहां भाजपा की इस साजिश को लोगों के सामने रखना तथा आपसी भाईचारा किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने देना है। इस मौके पर पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा, जिला प्रधान कलीराम पटवारी, विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा, पृथी नंबरदार, बलदेव वाल्मीकि, कैप्टन रणधीर चहल, रामफल कुंडू, सूरजभान काजल, प्रदीप गिल, भूपेंद्र जुलानी, डॉ. कृष्ण मिढ़ा, हरीश अरोड़ा, लाला भगवान दास, सुमित्रा देवी, कृष्णा बधाना, सुदेश चौपड़ा, प्रताप लाठर, बिजेंद्र रेढू, मौजी खान, छबीलदास पातलान, सतीश जैन, ईश्वर कंडेला, प्रवीण बैनिवाल, सतबीर झांझ, अशोक लीलू, जयनारायण जिलेदार, कुलदीप गिल, सुभाष देशवाल, शमशेर ढांडा, नफे सिंह पूनिया, सोनू गुलिया, गुरदीप सांगवान, कुलदीप सिहाग, कृष्ण सिहाग, विश्ववीर नंबरदार, विकास सिहाग, हर्ष, अनुराग खटकड़, कुलबीर चहल, बलवंत जोगी, बलराज नगूरां, महेंद्र सिंगला, महेंद्र सिंह जागलान, सितेंद्र ढुल, धर्मेंद्र सिंहमार, जगबीर जांगड़ा, सुरेश खान, लीला सरपंच दरियावाला व दरबारा देशवाल भी मौजूद थे।