जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने शनिवार को यहां से प्रकाशित होने वाले सभी उर्दू और अंग्रजी समाचार पत्रों पर छापेमारी की और केबल टीवी को बंद करवा दिया, जिससे कड़े सुरक्षा प्रतिबंधों के बीच नौ दिनों से अशांत कश्मीर घाटी में लोगों को कोई सूचना नहीं मिल रही है। छापेमारी की वजह से अधिकांश समाचार पत्रों की प्रतियां मुद्रित नहीं हो सकीं और जिनकी प्रतियां मुद्रित हो चुकी थीं, उनके प्रेस पर शुक्रवार व शनिवार की दरम्यामी रात 1.30 बजे और शनिवार की सुबह छापे मारकर पुलिस ने मुद्रित प्रतियां जब्त कर लीं।'कश्मीर इमेजेज' के प्रसार प्रबंधक अब्दुर रशीद ने आईएएनएस से कहा, "सिविल पोशाक में आए पुलिस दल ने हमलोगों से तुरंत छपाई मशीन बंद करने को कहा और एक उर्दू दैनिक की 1500 मुद्रित प्रतियां उठाकर ले गए।"पुलिसकर्मी एक अंग्रेजी दैनिक की मुद्रण प्लेट भी उठा ले गए।उन्होंने कहा, "पुलिस ने हमलोगों से कहा कि प्रतिबंध तीनों के लिए है और तब तक प्रेस बंद रहना चाहिए।"'कश्मीर इमेजेज' के संपादक बशीर मंजर ने कहा कि मीडिया पर प्रतिबंध से गलियों में अफवाहें और खतरनाक रूप ले रही हैं। प्रतिबंध लगाकर सरकार लोगों से संपर्क का जरिया ही बंद कर रही है।
आगे क्या होगा खुदा जाने।अन्य समाचार पत्रों के प्रकाशकों ने अपनी-अपनी वेबसाइटों पर कहा कि उनकी मुद्रित प्रतियां जब्त कर ली गईं और प्रिंटिंग प्रेस के लिए काम करने वाले लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।समाचार पत्र 'ग्रेटर कश्मीर' की वेबसाइट की एक रिपोर्ट में कहा गया, "पुलिसकर्मियों ने 'ग्रेटर कश्मीर' के मुद्रण के लिए तैयार की गई प्लेटों और एक उर्दू दैनिक 'कश्मीर उज्मा' की 50,000 मुद्रित प्रतियां जब्त कर लीं तथा जीकेसी प्रिंटिंग प्रेस को बंद कर दिया।"'ग्रेटर कश्मीर' ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि प्राधिकारियों ने उसके कारपोरेट कार्यालय पर छापेमारी कर अखबार पर प्रतिबंध लगा दिया और उसके प्रिंटिंग प्रेस के फोरमैन बीजू चौधरी एवं दो अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया।एक अन्य अखबार 'राइजिंग कश्मीर' पर छापोमारी कर कुछ पुलिसकर्मियों ने अखबार से लदे वाहन जब्त कर लिए। एक अन्य अंग्रेजी दैनिक 'कश्मीर रीडर' ने कहा, "पुलिस ने हमारे अखबार की प्रतियां जब्त कर लीं।
"दैनिक ने कश्मीर रीडर डॉट कॉम पर कहा, "पुलिस ने शुक्रवार रात दो बजे रांग्रेथ स्थित केटी प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारकर आठ लोगों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 'कश्मीर रीडर' की प्रतियां भी जब्त कर लीं। साथ यहां मुद्रित होने वालले अन्य अखबारों की प्रतियां भी जब्त कर लीं।"केटी प्रेस घाटी के बड़े प्रिंटिंग प्रेसों में एक है और कई दैनिक अखबारों जैसे कश्मीर रीडर, तमील-ए-इरशाद, कश्मीर टाइम्स, कश्मीर ऑब्जर्वर, द कश्मीर मॉनीटर, ब्राइटर कश्मीर और कश्मीर ऐज का मुद्रण करता है। केबल टीवी का प्रसारण भी शुक्रवार को बंद रहा। गत 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी (22) के सुरक्षा बलों के हाथों मारे जाने के बाद से यहां मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद है।आतंकवादी की मौत के बाद से घाटी में हिंसा की अप्रत्याशित लहर चली, जिसमें 40 लोगों की मौत हो चुकी है।घाटी में एकमात्र भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की मोबाइल सेवा और इंटरनेट कनेक्टिविटी के रूप में एकमात्र बीएसएनएल ब्रॉडबैंड सेवा चालू है।