केबिनेट मंत्री सोहन सिंह ठंडल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पंजाब की विरासत और इतिहास को संभालने के लिए विशेष प्रयत्न किये जा रहे है। उन्होने बताया कि जहां पंजाब सरकार द्वारा शहीदो की शताब्दियां उच्च स्तर पर मनाई जा रही है वही प्रत्येक धर्म के मान सम्मान के लिए विभिंन एतिहासिक व धार्मिक यादगारें स्थापित की गई है उन्होने बताया कि जिले गांव खुरालगढ़ में श्री गुरू रविदास जी की करोड़ो रूपये की लागत से यादगार स्थापित की जा रही है और इसके निर्माण का कार्य जारी है। उन्होने बताया कि पंजाब सरकार के प्रयत्न के कारण ही यह यादगार स्थापित की जा रही है और बहुत जल्दी यह यादगार बन कर तैयार हो जाएगी।जेल,पर्यटन व सांस्कृतिकम मामले मंत्री पंजाब स. सोहन सिंह ठंडल ने बताया कि पंजाब की संस्कृतिक विरासत को संभालने के लिए लगातार यत्न किये जा रहे है उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने अपने 9 वर्षो के कार्यकाल दौरान उच्च स्तर पर प्रत्येक धर्म के दिवस आपस में मिलजुलकर मनाये है ताकि राज्य में शांति और सांस्कृतिक एकता बरकरार रह सके।
उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता अधीन सरकार द्वारा महान सिक्ख जरनैल बाबा बंदा सिंह बहादुर के 300 वर्षीय शहीदी दिवस की याद में 26 जून को चप्पडचिड़ी में राज्य स्तरीय समारोह करवाया जा रहा है जिसमें जिला होशियारपुर के अतिरिक्त देश विदेश से बड़ी संख्या में संगते शिरक्त कर रही है। उन्होने बताया कि सरहिंद में ऐतिहासिक आम खास बाग में देश की प्रसिद्ध इवैंट मैनेजमैंट कंपनी एक लेजर शो करेगी, जिसके द्वारा सिक्ख जरनैल बाबा बंदा सिंह बहादुर के महान जीवन व फिलासफी को पेश किया जाएगा, ताकि हमारी नई पीढ़ी को बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के महान योगदान संबधी अवगत करवाया जा सके। उन्होने बताया कि बाबा बंदा सिंह बहादुर जी ने मुगल हकूमत अधीन चल रहे जागीरदारी ढांचे को खत्म करके मुजाहरों को जमीनों क े असली मालिक बनाया और श्री गुरू नानक देव जी व श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के नाम पर सिक्के व मोहरें जारी की यह जिक्रयोग है कि बाबा बंदा सिंह बहादुर जी ने 1710 में पहली बार खालसा राज स्थापित किया।
केबिनेट मंत्री पंजाब स. सोहन सिंह ठंडल ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा काहनुवानछम्ब में करोड़ो रूपये की लागत से छोटे घल्लुघारे को समर्पित यादगार बनाई गई है। जिससे युवा पीढ़ी अपने इतिहास से बाखुवी जानकारी हासिल कर रही है। उन्होने बताया कि छोटे और बड़े घल्लुघारे की याद में 42 करोड़ रूपये की लागत से यादगार स्थापित की गई है। उन्होने बताया कि श्री अमृतसर में 105 करोड़ रूपये की लागत से भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल का निर्माण करवाया जा रहा है और इसी प्रकार बाबा जीवन सिंह और बाबा मोती राम मेहरा की यादगारे बनाई जाएगी। उन्होने बताया कि पंजाब सरकार ने प्रत्येक धर्म का मान सम्मान किया है और अपनी विरासत को संभालने के लिए अहम योगदान डाला है। उन्होने बताया कि पर्यटन और प्रफुल्लित करने के लिए भी यत्न किये जा रहे है।