हरियाणा मंत्रिमंडल ने सोमवार को जाट समुदाय सहित पांच समुदायों को आरक्षण देने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। बताया जा रहा है कि विधेयक को सोमवार को ही राज्य विधानसभा में भी पेश किया जाना है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इससे पूर्व कहा था कि राज्य सरकार जाट, जाट सिख, त्यागी, विश्नोई और रोर समुदायों को आरक्षण देने के लिए विधानसभा के बजट सत्र में एक नया विधेयक लाएगी। खट्टर ने यह भी स्पष्ट किया था कि अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी को मिल रहे मौजूदा 27 फीसदी आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ओबीसी समुदाय जाट समुदाय को अपने वर्ग में शामिल करने का विरोध कर रहा है।
संविधान के दायरे में आरक्षण देने का मसौदा तैयार करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय समिति का इसी महीने गठन किया गया था।जाट समुदाय ने आरक्षण की अपनी मांग के लिए समय सीमा बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है।आरक्षण की मांग को लेकर राज्य में पिछले दिनों जाटों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए थे। करीब एक हफ्ते तक राज्य में हिंसा और तोड़फोड़ होता रहा था। उसके बाद भारतीय जनता पार्टी की राज्य सरकार ने आरक्षण का वादा किया था।