बिना कारण बताए आज लोकसभा की कार्रवाई को बाधित करने के लिए कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला ने इसे कांग्रेस का गैर जिम्मेदराना कदम बताया है।
लोकतंत्र में गंभीर जरूरी मुद्दों पर सांसदों द्वारा संसद की कार्रवाई बाधित कर अपनी बात रखना या रोष व्यक्त कर सरकार का ध्यान आकॢषत करने का एक तरीका है, पर आज हैरानी की बात यह है कि कांग्रेस के सांसदों ने लोकसभा नहीं चलने दी गई और कोई कारण भी नहीं बताया। स्पीकर बार-बार कांग्रेसी सांसदों द्वारा किए जा रहे हंगामे का कारण पूछते रहे, पर जवाब किसी ने नहीं दिया और यह सब लोकसभा में कांग्रेसी नेता मल्किर्जुन खडग़े व कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौजूदगी में हुआ।
बाद में संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजी प्रताप रूड़ी ने बार बार कांग्रेसी सांसदों से कहा कि वह अपने गुस्से का कारण बताए ताकि सरकार उसका समाधान निकाल सके, पर कांग्रेसी सांसदों ने एक न सुनी और हंगामा जारी रखा और खडग़े ने यहां तक कह दिया कि कांगे्रसी सांसद उसकी भी नहीं सुन रहे हैं।सांपला ने कहा कि नेशनल हेलर्ड केस में सोनिया-राहुल को व्यक्तिगत हाजरी से कोर्ट ने छूट देने से मना कर दिया गया, शायद इससे दुखी होकर कांग्रेसी सांसदों ने लोकसभा में बेमतलब का हंगामा किया, पर हम यह समझ नहीं पा रहे कि कोर्ट की कार्रवाई का संसद या फिर केंद्रीय सरकार से क्या संबंध है। शायद कांग्रेस का यह कोर्ट पर दबाव डालने का गैर लोकतांत्रिक तरीका है।