पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने 2125.69 करोड़ रूपए की लागत से राजस्थान और सरहिंद फीडरों के किनारे मज़बूत करने सहित 5236.71 करोड़ रूपए के लंबित पड़े विभिन्न सिंचाई प्रोजेक्टों को शीघ्रतिशीघ्र हरी झंडी देने के लिए केन्द्रीय जल स्त्रोतो संबंधी मंत्री उमा भारती को अपील की है।स.बादल सोमवार सुबह श्रम शक्ति भवन में केन्द्रीय जल स्त्रोतों संबंधी मंत्री को उनके कार्यालय में मिले। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को अपील की कि सीमावर्ती जिलों अमृतसर एवं गुरदासपुर में अप्परबारी दुआब कैनाल /यू बी डी सी/ के सहायक कार्यों सहित विान्न रजबाहों की मुर मत एवं आधुनिकीकरण के लिए 1375 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट तुरंत मंजूर कर फंड जारी किए जाएं। इसी प्रकार मु यमंत्री ने सतलुज नदी से निकलती नहरों की मुर मत एवं आधुनिकीकरण के लिए प्रोजेक्ट हेतू 918.25 करोड़ रूपए के विशेष फंड की मांग की क्योंकि यह प्रोजेक्ट 13 नव बर 2015 को केन्द्रीय जल स्त्रोत संबंधी मंत्रालय द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है।
विभिन्न सिंचाई प्रोजेक्टों को शीघ्रतिशीघ्र स्वीकृति देने की अपील करते हुए स.बादल ने कहा कि 284.98 करोड़ रूपए के सवान रिवर फल्लड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के अतिरिक्त सीमावर्ती क्षेत्र में नदी प्रबंधन सरगर्मियों के अधीन 161.04 करोड़ रूपए के बाढ़ सुरक्षा प्रोजेक्ट आरंभ करने के िलए फंड मुहैया करवाने की भी विनती की। उन्होंने 135.63 करोड़ रूपए की लागत से घघ्गर नदी के बांध मज़बूत करने वाले प्रोजेक्ट की मंजूरी की भी मांग की। इसी प्रकार ही मु यमंत्री ने बाढ़ प्रबंधन प्रोजेक्ट अधीन ब्यास नदी के साथ बाढ़ सुरक्षा कार्य आरंभ करने के लिए 46.12 करोड़ रूपए के फंड तुरंत जारी करने की मांग की। केन्द्रीय मंत्री ने 190 करोड़ की लागत से सक्की/किरन नालों के किनारे मज़बूत करने के लिए सहमति दे दी है ताकि सीमावर्ती क्षेत्र में रह रहे लोगों के जान-माल की सुरक्षा की जा सके और उनको बाढ़ों से बचाया जा सके। स.बादल द्वारा उठाए गए मुद्दों प्रति सकारात्मक पक्ष रखते हुए केन्द्रीय जल स्त्रोत मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वह इस समूचे मामले का अध्ययन करने के बाद अंतिम फैसला लेंगे। उन्होंने स.बादल को यह भरोसा दिलाया कि विभिन्न प्रोजेक्टों अधीन आवश्यक फंडों की की गई मांग को शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के साथ सचिव सिंचाई श्री के एस पन्नू भी उपस्थित थे। इस अवसर पर भारत सरकार के जल स्त्रोतों के सचिव श्री शशि शेखर और विशेष सचिव डा. अमरजीत सिंह उपस्थित थे।