एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने आज अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया की 2012 में हैदराबाद के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक भाषण में कहा था की 15 मिनट के लिए पुलिस हटा ली जाएँ तो 25 करोड़ मुसलमान 100 करोड़ हिन्दुओ पर भारी पड़ेंगे और भगवान राम के बारें में गलत टिपण्णी की थी जिसपर उस वक़्त हैदराबाद पुलिस ने ओवैसी के खिलाफ ऍफ़आईआर 1/2012 में 153,153A,121,295A के तहत निजामाबाद थाना में दर्ज हुआ था लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश नहीं हुआ l एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ तुरंत मुकदमा नंबर-1 में चालान पेश करने को लेकर उन्होंने तेलंगना पुलिस से बात की और तेलंगना पुलिस के डीजीपी अनुराग शर्मा को एक मेल भेजकर उन पुलिस अधिकारीयों के खिलाफ कारवाई की मांग की जिन्होंने देशद्रोही व 100 करोड़ हिन्दुओ को ललकारने वाले ओवैसी को सरक्षण दिया l
वीरेश शांडिल्य ने भेजी मेल में उनके खिलाफ कानूनी व विभागीय कारवाई की मांग की और कहा की यदि तेलंगना के डीजीपी ने उनकी मेल पर गंभीर संज्ञान न लिया तो वह तेलंगना हाईकोर्ट व जरुरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर कर सकते है l साथ ही उन्होंने देश के मुलसमानों से व जामा मस्जिद के शाही ईमाम व देवबंध के शाही इमाम श्वेत पत्र जारी करें की 68 साल में किसी 100 करोड़ हिन्दुओ ने यह कहा की 15 मिनट के लिए पुलिस हटा ली जायें तो 100 करोड़ हिन्दू 25 करोड़ मुसलमानों पर भारी पड़ेगे l उन्होंने कहा शाही इमाम इस पर भी स्पष्टीकर्ण दें की ओवैसी का यह बयान हिन्दू-मुस्लिम एकता को खंडित करता है या नहीं l यही नहीं शाही इमाम यह भी श्वेत पत्र जारी करें की क्या देश का मुसलमान अपनी उस माँ के पाँव को हाथ नहीं लगाते जिन्होंने उन्हें जन्म दिया उसी तरह धरती माँ है तो वन्दे मातरम कहने में मुस्लिम भाइयों को क्या दिक्कत है जबकि वन्दे मातरम का मतलब मात्रभूमि को नमन है l