पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने 2125.69 करोड़ रूपए की लागत से राजस्थान और सरहिंद फीडर के किनारे मज़बूत करने सहित 2943.46 करोड़ रूपए के जल स्त्रोत मंत्रालय के पास लंबित पड़े विभिन्न प्राजैक्टों को शीघ्रातिशीघ्र हरी झंडी देने के लिए केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री श्रीमती उमा भारती को अपील की है।.बादल बुधवार सायं श्रम शक्ति भवन में केन्द्रीय जन संसाधन मंत्री को उनके कार्यालय में मिले।विभिन्न सिंचाई प्राजैक्टों को शीघ्रतिशीघ्र स्वीकृति देने की अपील करते हुए स.बादल ने कहा कि 284.98 करोड़ रूपए के सवां रिवर फॅल्ड मैनेजमेंट प्राजैक्ट के अतिरिक्त सीमावर्ती क्षेत्र में दरिया प्रबंधन सरगर्मियों अधीन 161.04 करोड़ रूपए के बाढ़ सुरक्षा प्राजैक्ट शुरू करने के लिए फंड उपलब्ध करवाने का भी आग्रह किया। उन्होंने 135.63 करोड़ रूपए की लागत से घगगर दरिया के बांध मज़बूत करने वाले प्राजैक्ट की स्वीकृति की भी मांग की।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रबंधन प्राजैक्ट अधीन ब्यास दरिया के साथ बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू करने के लिए 46.12 करोड़ रूपए के फंड शीघ्र जारी करने की मांग की। श्रीमती उमा भारती ने 190 करोड़ रूपए की लागत से सक्की/किरन नालों के किनारे मज़बूत करने के लिए सहमति दे दी है ताकि सीमावर्ती क्षेत्र में रह रहे लोगों के जान-माल की सुरक्षा की जा सके और उनको बाढ़ से बचाया जा सके।मुख्यमंत्री ने कमांड एरिया विकास कार्यक्रम सी ए डी पी अधीन फीडर चैनलों के निर्माण के लिए एक हैक्टेयर में 30 मीटर तक निर्धारित सीमा और 835 रूपए प्रति मीटर की लागत सीमा की भारत सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों और दिशा निर्देशों में ढील देने की भी मंत्रालय को मांग की। उन्होंने कहा कि इन शर्तों में इसलिए ढील देनी जरूरी है क्योंकि सी ए डी पी अधीन इसको करना संभव नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस योजना अधीन निर्धारित नियमों में निश्चित की लागत 25050 रूपए से बढ़ाकर 40,000 रूपए प्रति हैक्टेयर की जाए ताकि इस प्राजैक्ट अधीन समूचे कमांड एरिया को लाया जा सके।
स.बादल द्वारा उठाए गए मामलों के प्रति सकारात्मक प्रोत्साहन देते हुए केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री ने आश्वासन दिलाया कि वह इस समूचे मामले का अध्ययन करने के बाद अंतिम निर्णय लेंगे। उन्होंने स.बादल को यह आश्वासन दिलाया कि विभिन्न प्राजैक्टों अधीन आवश्यक फंडों की, की गई मांग को शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा और मंत्रालय के पास लंबित पड़े प्रस्तावों पर भी शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने सी ए डी पी अधीन मौजूदा दिशा-निर्देशों का भी जायजा लेने का आश्वासन दिलाया।मुख्यमंत्री के साथ श्री आनंदपुर साहिब से लोक सभा सदस्य प्रो.प्रेम सिंह चंदूमाजरा, विशेष प्रमुख सचिव/मुख्यमंत्री श्री के जे एस चीमा और सचिव सिंचाई श्री के एस पन्नू भी उपस्थित थे।