पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केन्द्रीय प्रोयोजित योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई)को 100 प्रतिशत फंडों के आधार पर ही जारी रखने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन , राष्ट्रीय खादय सुरक्षा मिशन जैसी अन्य योजनाओं की हिस्से वाला मौजूदा ढंग जारी रखने की जोरदार अपील की है।मुख्यमंत्री ने यह विचार केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह के साथ आज दोपहर उनके कार्यालय कृषि भवन में हुई एक बैठक दौरान प्रकट किये।बादल ने केन्द्रीय कृषि मंत्री को बताया कि 16वें वित्त आयोग ने करों में से 40 प्रतिशत हिस्सा देने की सिफारिश की है भारत सरकार ने इन सिफारिशों को स्वीकृत करते समय आरकेवीवाई सहित केन्द्रीय प्रायोजित बीस महत्वपूर्ण योजनाओं की पहचान की है जिसके अनुसार आरकेवीवाई में 50:50 की हिस्से दारी का प्रस्ताव किया है जोकि पहले ही पूरी तरह 100 प्रतिशत केन्द्रीय प्रायोजित योजना थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को इस वर्ष आरकेवीवाई अधीन लगभग 168.27 करोड़ रूपये अलाट किये गये है जिनमें फसली विभिन्नता कार्यक्रम(सीडीपी)अधीन 75 करोड़ रूपये भी शामिल है। इस के अनुसार राज्य को 168.27 करोड़ रूपये का अपने द्वारा योगदान डालना पडेगा । राज्य सरकार द्वारा यह योगदान डालना संभव नही है जिसके परिणाम के रूप में इस योजना अधीन ना केवल चल रहे बहुत से प्रोजैक्ट और पहलकदमियां रूक जाएगी बल्कि नये प्रोजैक्टों पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होने कहा कि यह कदम राज्य के कृषि विकास पर असर डालेगा।
फसली विभिन्नता कार्यक्रम के एक अन्य मामले को उठाते हुये मुख्यमंत्री ने श्री राधा मोहन सिंह को कहा कि राज्य को अपनी आवश्कताओं अनुसार कृषि विभिन्नता कार्यक्रम लागू करने की आज्ञा दी जाए। इस समय निर्धारित नियमों के अनुसार 60 प्रतिशत फंड प्रदर्शनियों,23 प्रतिशत मशीनरी, 17 प्रतिशत स्थान आधारित सरगर्मियों और दो प्रतिशत अन्य उदेश्यों के लिए हेै उन्होने कहा कि राज्य को बीस प्रतिशत फंडों की अदला बदली करने की आज्ञा दी जाए। स. बादल ने इस कार्यक्रम को ना केवल फसली विभिन्नता तक सीमित रखने बल्कि डेयरी, मछली पालन, सुअर पालन, बकरी पालन, फलों और सब्जियों की कृषि और शहद की मक्खी पालन जैसे व्यवसायों को भी इस अधीन लाकर इस कार्यक्रम को मजबूत करने और इसका प्रसार करने के लिए कृषि मंत्रालय को निवेदन किया।
लुधियाना के लाडोवाल में बोरलोैग इंस्टीच्यूट आफ साऊथ एशिया (पीआईएसए)को स्थापित करने के लिए हो रही देरी का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने आईसीएआर से उचित फंड उपलब्ध करवाने को यकीनी बनाने के लिए केन्द्रीय कृषि मंत्री के दखल की मांग की है ताकि यह प्रोजैक्ट बिना किसी देरी से समय पर पूरा हो सके। उन्होने केन्द्रीय कृषि मंत्री को बताया कि राज्य सरकार ने इस उदेश्य के लिए 200 एकड़ जमीन पहले ही निशुल्क उपलब्ध करवा दी है और आइसीएआर 96 करोड़रूपये उपलब्ध करवाने के लिए सहमत हुआ है। उसके द्वारा प्रति वर्ष 24 करोड़ रूपये उपलब्ध करवाये जाने है। आज की तिथि तक उसने 24 करोड़ रूपये की केवल एक किश्त ही जारी की है।बादल ने अमृतसर में बनाये जा रहे पोस्ट ग्रेजुऐट इंस्टीच्यूट आफ हार्टीकल्चर रिसर्च एंड एजुकेशन का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए के न्द्रीय कृषि मंत्रालय से सहायता की मांग की है ताकि राज्य के कृषि विभिन्नता कार्यक्रम को प्रोत्साहन दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने श्री राधा मोहन सिंह को इसका कार्य शीघ्र शुरू करवाने का आग्रह किया है। स. बादल ने बताया कि राज्य सरकार ने इस के लिए खोज हेतू अटारी में 100 एकड़ जमीन, कैम्पस के लिए शहर में 7 एकड जमीन और किन्नू के लिए खोज हेतू अबोहर में पचास एकड़ जमीन पहले ही उपलब्ध करवा दी है।
राज्य में मछली पालन को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री ने श्री राधा मोहन सिंह को बठिंडा जिले के जोधपुर रोमाणा गांव में क्षेत्रीय खोज केन्द्र स्थापित करने के प्रस्ताव में भी तेजी लाने के लिए कहा है जो कि 21.10 करोड़ रूपये की लागत से बनाया जाना है और यह सैंट्रल इंस्टीच्यूट आफ फ्रैश वाटर एक्वाकल्चर (सीआईएफए)भुवनेश्वर से संबधित होगा उन्होने मंत्रालय को निवेदन किया कि वह इसके कार्य के लिए शीघ्र सीआईएफए को फंड उपलब्ध करवाये इसके साथ ही उन्होने केन्द्रीय कृषि मंत्री को पंजाब के दक्षिणी पश्चिमी जिलों के सेम प्रभावित क्षेत्रो में मिशन मोड प्रोजैँक्ट शुरू करने के लिए स्वीकृति देने के लिए कहा। यह प्रोजैक्ट 110 करोड़ रूपये का है जिसका प्रस्ताव पहले ही भारत सरकार को पेश किया जा चुका है। उन्होने इसकी 33 करोड़ रूपये की पहली किश्त जारी करने की भी मांग की ताकि राज्य सरकार सेम प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की आर्थिकता में सुधार लाने के लिए इस प्रोजैक्ट को लागू कर सके। मुख्यमंत्री ने साहीवाल , रेडसिंधी जैसी गायों की नस्लों के विकास के लिए 27 करोड़ रूपये की लागत वाले कामधेनू प्रोजैक्ट को शीघ्र स्वीकृति देने का निवेदन किया। इस संबध में पटियाला के समीप अस्सी एकड़ जमीन के पहले ही पहचान की जा चुकी है।
विचारचर्चा को समेटते हुये श्री राधा मोहन सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिलाया कि वह आरकेवीवाई अधीन 100 प्रतिशत फंडो का मामला शीघ्र ही वित्त मंत्रालय के समक्ष उठाएगें उन्होने यह भी आश्वासन दिलाया कि वह कामधेनू प्रोजैक्ट का मामला भी शीघ्र अति शीघ्र हल करेगें। उन्होने स. बादल को गोकूल मिशन अधीन गाओ ग्राम स्थापित करने के बारे में विस्तृत प्रस्ताव भेजने के लिए कहा हे। उन्होने बठिंडा जिले के गांव जोधपुर रोमाणा में आरआरसी स्थापित करने और सेम प्रभावित क्षेत्रों में मिशन शुरू करने के लिए शीघ्र फंड जारी करने के लिए सहमति प्रगटाई।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उनके विशेष प्रमुख सचिव श्री केजेएस चीमा , वितायुक्त पशुपालन श्री जी विजरालिंगम और कृषि कमीशनर डा. बीएस सिद्धू भी उपस्थित थे।