पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आंध्रा प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू को मतस्य पालन और इस संबंध में प्रयोग की जाने वाली प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पंजाब और आंध्रा प्रदेश के बीच लंबी भागीदारी वाले सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने यह विनती श्री नायडू को उस समय की जब वह आज सांय उनके निवास स्थान पर मिलने के लिए आये।विचारविमर्श के दौरान स. बादल ने आंध्रा प्रदेश के मुख्यमंत्री को बताया कि पंजाब में मतस्य का उत्पादन प्रति हैक्टयर 9076 किलोग्राम होता है जोकि 4000 किलोग्राम की राष्ट्रीय औसत के मुकाबले बहुत अधिक है। उन्होंने श्री नायडू को यह भी बताया कि पंजाब में हाल ही में 600 एकड़ रकबे में अति आधुनिक मतस्य फार्म का पॉयलट प्रौजेक्ट आरंभ किया है जोकि मतस्य पालकों के लिए एक नये मॉडल के तौर पर कार्य करने के अतिरिक्त इस क्षेत्र की संभावनाओं को उजागर करेगा। आंध्रा प्रदेश द्वारा मतस्य उत्पादन के क्षेत्र में एक अग्रणीय राज्य होने की प्रशंसा करते हुये स. बादल ने श्री नायडू का सुझाव दिया कि वह आंध्रा प्रदेश के विकासमयी मतस्य पालकों एवं विशेषज्ञों की एक टीम पंजाब के दौरे पर भेंजे जोकि उनके मतस्य पालकों को मछली पालन और उससे संबंधी प्रौद्योगिकी संबंधी परामर्श दें। स. बादल ने आगे कहा कि दोनो राज्यों के बढिय़ा अमलो से अधिक से अधिक फायदा उठाने के लिए मछली पालकां का लगातार एक दूसरे राज्य में जाकर ज्ञान हासिल करते रहना चाहिए।
उनहोंने नायडू को अपील की कि वह मतस्य के क्षेत्र में अधिक से अधिक क्षमता का फायदा उठाने के लिए अपने एक या दो सेवा निवृत्त मतस्य विशेषज्ञों या वैज्ञानिकों की सेवांए मुहैया करवायें। श्री नायडू ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि मछली पालकों की आय में बढ़ौतरी करने के लिए मछली पालन के बढिय़ा अमलों को अपनाने के लिए वह पंजाब को हर मदद एवं सहयोग मुहैया करवायेंगे। उन्होंने विकासमयी डेयरी किसानों एवं विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के कार्यक्रम अधीन आंध्रा पद्रेश में डेयरी सैक्टर के विकास के लिए पंजाब सरकार को प्रौद्योगिकी एवं ज्ञान मुहैया करवाने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कृषि ही राष्ट्रीय घरेलू उत्पादन में अधिक योगदान नही दे सकती। इसलिए खेती से संबंधी भेड़ पालन, बकरी पालन, सूअर पालन, मधुमक्खी पालन के अतिरिक्त बागवानी एवं फूलों की काश्त जैसे क्षेत्रोंके समूचे विकास की जरूरत है। श्री नायडू की अपील को स्वीकार करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शीघ्र ही आंध्रा प्रदेश के दूध उत्पादकों से अपना विशाल अनुभव एवं विशेषज्ञता सांझी क रने के लिए पंजाब के विकासमयी डेयरी किसानों एवं विशेषज्ञों का एक शिष्टमंडल वहां भेजेंगे ताकि आंध्रां में दूध के उत्पादन को बढ़ाया जासके।
इस अवसर पर खाद्य एवं सिविल आपूर्ति मंत्री श्री आदेश प्रताप सिंह कैरों, अतिरिक्त मुख्य सचिव पशुपालन श्री मंदीप सिंह संधू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री एस के संधू एवं विशेष प्रधान सचिव डॉ. एस के राजू उपस्थित थे।