राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज राष्ट्रपति भवन में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और सेंट जॉन एम्बूलेंस (भारत) की वार्षिक आम बैठक के रस्मी सत्र की अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम में उन्होंने उन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया जिन्होंने जरूरतमंदों, बीमारों, निराश्रितों, बुजुर्गों की सेवा के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए हैं।इस अवसर पर राष्ट्रपति ने भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और सेंट जॉन एम्बूलेंस (भारत) को भारतीय समाज के सभी हिस्से में उनकी नि:स्वार्थ सेवा और मानवीय कार्यों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और सेंट जॉन एम्बूलेंस (भारत) को आज भारत में स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं और गैर-सरकारी संगठनों के लिए अग्रणी और अनुकरणीय माना जाता है।
राष्ट्रपति महोदय ने कहा कि अधिकांश उन्नत समाजों में, सरकार के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों ने आपदाओं जैसी अप्रत्याशित घटनाओं के संदर्भ में यथासंभव आवश्यक उपाय किए हैं। हाल के वर्षों में भारत ने भी उनके अनुभवों से सीखा है और ऐसे उपाय किए हैं। इस प्रकार, वर्ष 1999 में ओडिशा के व्यापक चक्रवात के कारण 10,000 लोगों की मौत हुई थी, किंतु ओडिशा और आंध्रप्रदेश में हाल के दो चक्रवातों में काफी कम नुकसान हुआ और इसका श्रेय सरकार द्वारा किए गए बचाव संबंधी उपायों को जाता है। हम तूफान के रास्ते में आने वाले अधिकांश पशुधन, लोगों और संपत्तियों की संरक्षा और सुरक्षा का प्रबंध कर सकते हैं।