गुरू गोबिंद सिंह ने पढ़ाया एकता का पाठ: सुधीर
Web Admin
5 दरिया न्यूज (विजयेन्दर शर्मा)
धर्मशाला , 18 Jan 2013
Last updated on: Jan 18, 2013, 00:00 IST
संत गुरू गोबिंद सिंह के 346वें प्रकशोत्सव के उपलक्ष्य पर कांगड़ा जिला के विभिन्न गुरूद्वारों में शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया तथा सैंकड़ों की तदाद में श्रद्वालुओं ने गुरूद्वारों में शीष नवाया और प्रसाद ग्रहण किया । शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री श्री सुधीर शर्मा ने आज गुरू गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर धर्मशाला के कोतवाली बाजार स्थित गुरूद्वारा में पधारकर शब्द-कीर्तन में भाग लिया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में उन्होंने दसवें गुरू गोबिंद सिंह के प्रकशोत्सव पर सिक्ख समुदाय एवं अन्य को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरू गोबिंद सिंह एक महान् योद्वा ही नहीं बल्कि एक सच्चे समाज सेवक एवं सुधारक थे जोकि आजीवन अन्याय, अत्याचार एवं अमानवीय प्रवृतियों के खिलाफ संघर्ष करते रहे। उन्होंने कहा कि गुरू गोबिंद सिंह ने लोगों को साहसी, निडर और मातृभूमि की रक्षा के लिए एकता एवं अखंडता का संदेश देने के लिए खालसा पंथ की स्थापना की थी, उन्होंने कहा कि दसवें गुरू द्वारा दी गई कुर्बानी एवं उनके आदर्शों को कृतज्ञ राष्ट्र नहीं भुला पाएगा। उन्होंने लोगों से गुरू गोबिद सिंह द्वारा बताये गये सदमार्ग को अपने जीवन में अपनाने का आहवान् किया। इस पहले गुरू गोंिबद सिंह सभा के प्रधान डॉ हरपाल सिंह ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए संत गुरू गोबिंद सिंह की जीवनी पर प्रकाश डाला । इस अवसर पर ब्लांक कॉग्रेस समिति के अध्यक्ष श्री सुरेश पप्पी, महासचिव जितेन्द्र शर्मा, के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सिंह सभा के सदस्य उपस्थित थे।