देश के प्रधानमंत्री सहित अन्य मंत्री पद की शपथ और विभागीय बंटवारे की अधिकारिक घोषणा के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी के चहेतों को काफी निराशा हुई है। खास बात यह है कि अभी तक जब भी राजग की सरकार बनी है, तब-तब डॉ. जोशी को सरकार में स्थान मिला है। कुछ ऐसा ही हाल उत्तर प्रदेश के जिले इलाहाबाद का भी है। पहली बार ऐसा हुआ है कि राजग सरकार में इलाहाबाद से कोई भी मंत्री नहीं है। केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार के गठन के साथ ही मंत्रियों की फेहरिस्त भी जारी हो गई है। इसमें न तो इलाहाबाद के किसी सांसद को स्थान मिला है और न ही डॉ. जोशी को। इससे उनके चहेतों में निराशा है।
इलाहाबाद जिले में इस बार मोदी लहर के कारण जिले की दोनों संसदीय सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी विजयी हुए हैं, जो इतिहास है। राम मंदिर व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की लहर के जमाने में भी यह संभव नहीं हो सका था। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे डॉ. जोशी 13 दिन के लिए बनी पहली राजग सरकार से लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली राजग की दूसरी सरकारों में भी मंत्री रहे। यह पहली बार हुआ कि राजग सरकार में वह मंत्री नहीं बनाए गए। इस मसले पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि किसी को मंत्री बनाना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। इसमें कयास नहीं लगाए जा सकते।