नरेंद्र मोदी सोमवार को भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में लगभग 45 मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण करेंगे। इन मंत्रियों की सूची में राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के.सिंह के नाम शामिल हैं। यह जानकारी सूत्रों ने दी, जिनके मुताबिक राष्ट्रपति भवन को सूची भेज दी गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल अन्य पार्टियों के नेताओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा।सूत्रों का कहना है कि जिन्हें कैबिनेट में जगह दी गई है, उनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू, वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज व अरुण जेटली, डी.वी.सदानंद गौड़ा, गोपीनाथ मुंडे, कलराज मिश्र, मेनका गांधी, अनंत कुमार, रविशंकर प्रसाद, नरेंद्र सिंह तोमर, जुएल ओराम, थावर चंद गहलोत, स्मृति ईरानी, उमा भारती, नजमा हेपतुल्ला, राधा मोहन सिंह और हर्षवर्धन के नाम शामिल हैं।
लोक जनशक्ति पार्टी के रामविलास पासवान, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अशोक गजपति राजू, शिवसेना के अनंत गीते और शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।इसके अलावा 10 राज्य मंत्री (स्वतंक्ष प्रभार) होंगे, जिनमें वी.के.सिंह और भाजपा सांसद संतोष गंगवार, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, श्रीपद नाइक, धर्मेद्र प्रधान, सर्बनंदा सोनोवाल, जिंतेंद्र सिंह, निर्मला सीतारमन और राव इंद्रजीत शामिल हैं।11 राज्यमंत्रियों की सूची में किरेन रिजिजु, संजीव कुमार, जी.एम.सिद्देश्वरा, कृष्ण पाल गुज्जर, डी.मनसुखभाई वासवा, रावसाहेब डी.दानवे, विष्णु देव साई और सुदर्शन भगत के नाम शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के उपेंद्र कुशवाहा को राज्य मंत्री बनाया जाएगा। स्मृति ईरानी और निर्मला सीतारमन को मंत्रिमंडल में जगह देने को हैरानी के साथ देखा जा रहा है।राष्ट्रपति भवन में शाम छह बजे होने जा रहे शपथ ग्रहण समारोह से पहले मोदी ने संकेत दिए थे कि उनके मंत्रिमंडल का आकार बड़ा नहीं होगा और उनका ध्यान विभागों के एकीकरण पर होगा। मोदी ने रविवार को ट्विटर पर लिखा था, " 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' की अपनी प्रतिबद्धता को बरकरार रखते हुए हमने अपने मंत्रिमंडल में अभूतपूर्व व सकारात्मक बदलाव किए हैं।"उन्होंने कहा, "जल्द काम करने और विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य के लिए कई मंत्रालयों को मूल मंत्रालयों में बदल दिया गया है। यह बेहतर शासन की तरफ एक कदम है और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमें मजबूती देगा।"