Monday, 20 July 2026

 

 

खास खबरें गर्मियों में टैनिंग से बचने को सिर्फ सनस्क्रीन काफी नहीं, त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आसान आदतें सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपीएसडीएमए भवन का किया लोकार्पण मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 9 बड़े विधेयकों को दी मंजूरी पुंछ-राजौरी में बाढ़ का कहर, 10 की मौत एससीओ संस्कृति मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए गजेंद्र सिंह शेखावत मध्य प्रदेश कैबिनेट ने यूसीसी विधेयक को दी मंजूरी सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने डॉ. हुसैन अली म्विनी से की मुलाकात मां बनने के बाद कैटरीना कैफ का पहला बर्थडे, शेयर कीं खास तस्वीरें विशाखापत्तनम के पास ट्रक से टकराई कार, चार लोगों की मौत 'झनक झनक पायल बाजे' से दुनिया में गूंजा पं. समता प्रसाद के तबले का जादू 20 जुलाई का पंचांग : भगवान शिव और कार्तिकेय की पूजा करना अत्यंत शुभ, दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक अभिजीत मुहूर्त हंगामा करने से राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, संसद सुचारू चलाने में करें सहयोग : किरेन रिजिजू पीवी सिंधु ने ऐतिहासिक जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीता गंगा आरती में भावविभोर हुईं रेखा गुप्ता, दशाश्वमेध घाट पर किया पूजन भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यहां की संस्कृति और परंपरा का सम्मान करना होगा : सीएम योगी आदित्यनाथ सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती करने को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा रामनगर-देहरादून के बीच पहली सीधी एक्सप्रेस ट्रेन को अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी बिहार में हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा शुरू सरकार अब उद्यमों को नियंत्रित नहीं, बल्कि बढ़ावा देने वाली बन गई है : निर्मला सीतारमण डॉ. मनसुख मांडविया और हिमंता बिस्वा सरमा ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए मैस्कॉट पीको और एंथम लॉन्च किया अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी की समीक्षा की

 

भगवंत मान सरकार 2100 से अधिक मनरेगा कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी

तरुनप्रीत सिंह सौंद ने शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की

Tarunpreet Singh Sond, AAP Punjab, Punjab, Punjab News, Latest Punjab News
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

चंडीगढ़ , 18 Jul 2026

Last updated on: Jul 19, 2026, 10:07 IST

पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर हाल ही में शुरू की गई वीबी-जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) योजना के तहत मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की।

उन्होंने कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए देशव्यापी नीति बनाने की भी अपील की। मंत्री ने कहा कि भगवंत मान सरकार पंजाब के 2100 से अधिक मनरेगा कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने नई योजना का वित्तीय बोझ राज्यों पर डालने तथा कर्मचारियों के भविष्य को अनिश्चित बनाने के केंद्र सरकार के निर्णय पर सवाल उठाते हुए लंबित वेतन तुरंत जारी करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि लगभग दो दशकों से ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को समर्पित भाव से लागू कर रहे कर्मचारियों की 18 वर्षों की सेवा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आज यहां पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, "यह अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है और पूरी तरह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है।

हालांकि कांग्रेस, अकाली दल और पंजाब भाजपा सहित सभी विपक्षी दल इस मुद्दे से ध्यान भटकाने और लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि पूरा दोष पंजाब सरकार पर मढ़ा जा सके। इसलिए आवश्यक है कि सच्चाई और तथ्य जनता के सामने रखे जाएं।" उन्होंने कहा, "मनरेगा योजना वर्ष 2005 के आसपास एक अधिनियम के तहत शुरू की गई थी, जिसके माध्यम से केंद्र सरकार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार को रोजगार उपलब्ध कराना था।

पंजाब में यह योजना लगभग 18 वर्षों से लागू है और इसके माध्यम से ग्रामीण लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।" मंत्री ने बताया कि इस योजना के संचालन के लिए लगभग 2000 से 2100 कर्मचारी, जिनमें तकनीकी सहायक (टीए), ग्राम रोजगार सहायक (जीआरएस) और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हैं, पिछले 18 वर्षों से केंद्र सरकार की इस योजना के अंतर्गत कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "इन कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश में मौजूदा मनरेगा योजना को बंद कर दिया और घोषणा कर दी कि 1 जुलाई से नई योजना लागू होगी।" इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए सोंद ने कहा, "सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि इन कर्मचारियों द्वारा पिछले 18 वर्षों में की गई मेहनत को एक झटके में कैसे समाप्त किया जा सकता है।

उन्होंने इतने वर्षों तक केंद्र सरकार के अधिनियम और उसकी योजना के तहत कार्य किया। इस योजना में पंजाब सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।" उन्होंने कहा, "इन कर्मचारियों का वेतन पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता था क्योंकि यह शत-प्रतिशत केंद्र सरकार की योजना थी। लेकिन उनके अधिकारों की रक्षा करने के बजाय केंद्र ने योजना ही बंद कर दी, जिससे लगभग 2100 कर्मचारियों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।"

मंत्री ने कहा, "कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे नई योजना के तहत काम नहीं करना चाहते, क्योंकि 18 वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें यह भरोसा नहीं है कि उन्हें कब नियमित किया जाएगा। उनकी मांग पूरी तरह जायज है।" तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, "मैं पूरी स्पष्टता के साथ कहना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार, पूरी कैबिनेट और संपूर्ण सरकार मनरेगा के तहत कार्यरत इन 2100 कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है।

हम उनके कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। केंद्र सरकार ने 18 वर्ष तक उनसे काम लेने के बाद योजना बंद कर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन किया है।" उन्होंने जोर देते हुए कहा, "पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री के रूप में मैंने केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से मैंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि वह जागे और लगभग दो दशकों से कार्यरत इन कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान करते हुए उन्हें नियमित करे, क्योंकि उन्होंने केंद्र सरकार की योजना के लिए अपने जीवन के 18 वर्ष समर्पित किए हैं।"

ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद द्वारा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा गया पत्र

भारत सरकार ने अचानक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बंद कर 1 जुलाई से उसके स्थान पर विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना लागू कर दी है। इस नई योजना के तहत केंद्र सरकार ने वित्तीय बोझ देश की सभी राज्य सरकारों पर डाल दिया है। पिछले लगभग दो दशकों से मनरेगा के अंतर्गत कार्यरत मेहनती कर्मचारियों को अब भारत सरकार नई योजना के तहत संविदा आधार पर कार्य जारी रखने के लिए बाध्य कर रही है।

मेरे गृह राज्य पंजाब में ये कर्मचारी हड़ताल पर हैं क्योंकि मनरेगा को बंद किए जाने से उनकी आजीविका संकट में पड़ गई है। उनके आंदोलन और हड़ताल का मुख्य कारण यह है कि पिछले 18 वर्षों से सेवा दे रहे 2100 से अधिक संविदा कर्मचारी, जिनमें तकनीकी सहायक, कंप्यूटर सहायक तथा अन्य कर्मचारी शामिल हैं, मांग कर रहे हैं कि नई योजना के तहत उनकी सेवाओं को नियमित किया जाए।

पंजाब सरकार उनकी इस न्यायोचित मांग का समर्थन करती है। साथ ही आपसे आग्रह करती है कि नई योजना में ऐसा प्रावधान शामिल किया जाए जिससे इन सभी कर्मचारियों को नियमित किया जा सके। यह केवल पंजाब का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश के अनेक कर्मचारी इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं। हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार देशभर के इन कर्मचारियों को स्थायी रोजगार प्रदान करे। पंजाब सरकार इस संबंध में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

 

Tags: Tarunpreet Singh Sond , AAP Punjab , Punjab , Punjab News , Latest Punjab News

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD