शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार बहबल कलां फायरिंग मामले में चार आरोप पत्र दाखिल होने के बावजूद नई एसआईटी गठित कर बेअदबी पर फिर से राजनीति कर रही है। पार्टी ने आम आदमी पार्टी की सरकार से सवाल किया कि वह बुर्ज जवाहर सिंह और बरगाड़ी बेअदबी मामलों में एसआईटी द्वारा दोषी ठहराए जाने के बावजूद गुरमीत राम रहीम के खिलाफ कार्रवाई क्यों नही कर रही?
यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अकाली नेता सरदार परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने डी.आई.जी हरजीत सिंह की अगुवाई में गठित नई एसआईटी के बुर्ज जवाहर सिंह और बरगाड़ी के दौरे को लेकर बड़े पैमाने पर मीडिया कवरेज हासिल करके एक सुनियोजित अभियान शुरू किया है। उन्होने कहा,‘‘ यह इस तथ्य के बावजूद किया जा रहा है कि एसआईटी बहबल कलां मामले की जांच कर रही है, जिसका बुर्ज जवाहर सिंह और बरगाड़ी में हुई बेअदबी से कोई लेना-देना नही है।’’
सरदार परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा कि आप पार्टी की सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए यह नौटंकी कर रही है, क्योंकि इस मामले में चार आरोप पत्र दाखिल होने के बाद कोई जांच नही बची है। उन्होने कहा कि इस तरह के घटिया हथकंडे अपनाने के बजाय आम आदमी पार्टी को बताना चाहिए कि उसने पिछले नौ साल में पंजाब में बेअदबी के 597 मामलों को सुलझाने के लिए क्या किया? उन्होने कहा ,‘‘ इन मामलों में नामजद किए गए 247 लोगों को अभी तक गिरफ्तार नही किया गया और 102 मामले अभी अनसुलझे पड़े है, और 82 मामलों को रदद कर दिया गया ।
सरकार को यह भी बताना चाहिए कि उसने सुल्तानपुर लोधी में अपने पुलिस बल द्वारा की गई बेअदबी के मामले में क्या कार्रवाई की थी ?यह कहते हुए कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ने बेअदबी पर लगातार राजनीति की है, अकाली नेता ने कहा,‘‘ बेअदबी का मुददा चुनाव की पूर्व संध्या पर सामने लाया जाता है।’’ उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साढ़े तीन साल पहले बेअदबी के मामलों में 467 पेजों की रिपोर्ट जारी की थी।
उन्होने कहा,‘‘ भले ही गुरमीत राम रहीम मुख्य आरोपी था, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार ने साढ़े तीन साल तक उसके खिलाफ मामला शुरू करने की मंजूरी नही दी। उन्होने कहा कि सरकार ने एक अन्य बेअदबी के आरोपी प्रदीप कलेर के खिलाफ कार्रवाई में नरम रूख अपनाया और अब तक एक अन्य आरोपी हनीप्रीत से पूछताछ नही की है। उन्होने कहा,‘‘ इससे साफ पता चलता है आप सरकार ने सिरसा डेरा प्रमुख के साथ कोई समझौता किया है।’’
सरदार रोमाणा ने कहा कि सरकार उस वीडियो के बाद लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, जिसमें मुख्यमंत्री गुरु साहिबान का अपमान करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होने कहा,‘‘ वीडियो के असली होने का खुलासा होने और उसके बाद सरकार द्वारा लीपापोती की कवायद का पर्दाफाश होने के बाद वह हताशा में ऐसा कर रही है।’’