चितकारा यूनिवर्सिटी के छात्र स्टार्टअप्स ने माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और आईआईएम लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपने नवाचार और तकनीकी समाधान पेश कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। छात्रों को उद्योग विशेषज्ञों, निवेशकों और शिक्षाविदों के सामने अपने स्टार्टअप मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एजुकेशन एंड डेवलपमेंट (सीईईडी) द्वारा संचालित ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन प्रोग्राम के तहत 24 टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स को माइक्रोसॉफ्ट के गुरुग्राम स्थित कार्यालय में आमंत्रित किया गया। यहां छात्रों ने माइक्रोसॉफ्ट की स्टार्टअप और निवेश टीम के समक्ष अपने बिजनेस मॉडल और तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। इन स्टार्टअप्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एग्रीटेक, हेल्थटेक, सस्टेनेबिलिटी, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और फैशन जैसे क्षेत्रों में अपने नवाचार पेश किए।
माइक्रोसॉफ्ट के विशेषज्ञों ने स्टार्टअप संस्थापकों को प्रोडक्ट-मार्केट फिट, विस्तार क्षमता, तकनीक के बेहतर उपयोग, व्यवसायिक रणनीति और निवेश की तैयारी को लेकर अहम सुझाव दिए। इससे छात्रों को अपने स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने और बाजार में मजबूत पहचान बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा यूनिवर्सिटी के कुछ चयनित स्टार्टअप्स ने आईआईएम लखनऊ में भी अपनी प्रस्तुति दी। इस दौरान छात्रों ने फैकल्टी विशेषज्ञों, स्टार्टअप मेंटर्स और इनोवेशन इकोसिस्टम से जुड़े विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। कई स्टार्टअप्स को उनके नवाचार, स्पष्ट सोच और बाजार संभावनाओं के लिए सराहना भी मिली।
इस उपलब्धि पर चितकारा यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष एवं सह-संस्थापक डॉ. मधु चितकारा ने प्रतिभागी स्टार्टअप संस्थापकों को सम्मानित किया। उन्होंने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने पर बधाई दी और उद्देश्यपूर्ण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. मधु चितकारा ने कहा कि उद्यमिता का उद्देश्य विचारों को सार्थक परिणामों में बदलना है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि यूनिवर्सिटी के छात्र माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और आईआईएम लखनऊ जैसे बड़े संस्थानों में आत्मविश्वास के साथ अपने नवाचार प्रस्तुत कर रहे हैं। ऐसे अनुभव छात्रों की सोच को मजबूत करने के साथ वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने की क्षमता भी बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा कि चितकारा यूनिवर्सिटी नवाचार, नेतृत्व और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि छात्र भविष्य में रोजगार देने वाले और बदलाव लाने वाले नेतृत्वकर्ता बन सकें। यूनिवर्सिटी की ओर से ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन प्रोग्राम, स्टार्टअप शोकेस, इंडस्ट्री इमर्शन, निवेशक संवाद और वैश्विक सहयोग जैसी पहलों के जरिए युवा उद्यमियों और नवाचारकर्ताओं को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।