चितकारा यूनिवर्सिटी में एप्पल की साझेदारी से आयोजित दो दिवसीय प्रमुख आयोजन ‘सुपरचार्ज ’26’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल नवाचार के भविष्य को आकार देने वाली तकनीकों, टूल्स और विचारों से परिचित कराना था।
पिछले संस्करणों की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, ‘सुपरचार्ज ’26’ में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम ने एक ऐसा गतिशील मंच प्रदान किया, जहां छात्रों को नई चीज़ों को सीखने, प्रयोग करने और अपने विचारों को वास्तविक समाधान में बदलने का अवसर मिला।
इस आयोजन के तीन मुख्य आयाम रहे—‘डेवलप द फ्यूचर’ प्लेनरी सत्र, ऐप प्रोटोटाइप बनाने के लिए प्रायोगिक वर्कशॉप्स और मैक की क्षमताओं पर केंद्रित स्पॉटलाइट सत्र। एप्पल और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने आईओएस (iOS) नवाचार, उभरते डिजिटल कौशल और वैश्विक तकनीकी परिदृश्य पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
वर्कशॉप्स के माध्यम से छात्रों को मैक ओएस (macOS) और आईओएस (iOS) डेवलपमेंट का व्यावहारिक अनुभव मिला, जिससे उन्होंने अपने विचारों को कार्यशील ऐप्स के रूप में विकसित किया। वहीं, स्पॉटलाइट सत्रों में यह बताया गया कि आधुनिक डिजिटल परिवेश में मैक कैसे रचनात्मकता, उत्पादकता और नवाचार को बढ़ावा देता है।
कार्यक्रम पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. मधु चितकारा ने कहा, “सुपरचार्ज ’26 हमारे इस प्रयास का उदाहरण है, जिसमें हम कक्षा में पढ़ाई को उद्योग की अपेक्षाओं से जोड़ते हैं। विशेषज्ञों और आधुनिक तकनीकों के साथ छात्रों को जोड़कर हमने ऐसा मंच तैयार किया है, जहां विचार वास्तविक समाधान में परिवर्तित होते हैं।”
‘सुपरचार्ज ’26’ ने एक बार फिर अकादमिक जगत और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करते हुए छात्रों को व्यावहारिक कौशल, रचनात्मक आत्मविश्वास और भविष्य की तकनीक के लिए नवाचार की क्षमता से सशक्त बनाया।