नई दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू ने 5 जून 2026 को इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस (आईएसबी), मोहाली में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग ले रहे पेशेवरों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने तेजी से जटिल और परस्पर जुड़े होते वैश्विक परिवेश में नेतृत्व की भूमिका पर विचार साझा किए।
अपने संबोधन में उन्होंने नेतृत्व के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विविध हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करने, प्रतिस्पर्धी प्राथमिकताओं में संतुलन बनाने तथा दीर्घकालिक एवं सतत परिणाम सुनिश्चित करने के लिए संवाद, सहमति निर्माण और प्रभावी वार्ता कौशल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। शासन एवं लोक प्रशासन के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सफल नेतृत्व के लिए दूरदर्शी सोच, परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता तथा सहयोग एवं विश्वास का वातावरण विकसित करना आवश्यक है।
चर्चा के दौरान आधुनिक नेतृत्व को आकार देने में नवाचार और प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। उपराज्यपाल ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन, डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया तथा उभरती तकनीकों के इस दौर में नवाचार प्रभावी नेतृत्व का एक अनिवार्य आधार बन चुका है।
उन्होंने इन विषयों को विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण से जोड़ते हुए प्रतिभागियों को प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग, नवाचार को बढ़ावा देने तथा परिवर्तनशील परिस्थितियों के अनुरूप नेतृत्व क्षमताओं का विकास करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में सार्थक योगदान दे सकें। सत्र के दौरान प्रतिभागियों और उपराज्यपाल के बीच नेतृत्व, तकनीकी प्रगति तथा व्यावसायिक एवं सार्वजनिक जीवन में उभरती चुनौतियों और अवसरों पर विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ।