कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों तक शोध आधारित व्यावहारिक समाधान पहुँचाने की दिशा में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “एडवांस्ड टेक्नोलॉजिकल इंटरवेंशन इन स्मार्ट फार्मिंग” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह की सोच के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक किसानों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया तथा कृषि के भविष्य को तकनीक आधारित बनाने पर चर्चा की गई।
प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल शिक्षा और शोध तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि किसानों तक व्यावहारिक समाधान पहुँचाने की दिशा में भी संस्थानों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, आईओटी, प्रिसिजन फार्मिंग और स्मार्ट सिंचाई प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकें कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर उपयोग और किसानों की आय में वृद्धि का माध्यम बन सकती हैं।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA 2.0) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी विभाग, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय ने सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल रिसर्च एंड इनोवेशन (CARI) और एग्री लाइव इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (AITA) के सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम की रूपरेखा प्रो. प्रताप कुमार पाती, कोऑर्डिनेटर, CARI के मार्गदर्शन में तैयार की गई।
उन्होंने शिक्षा, उद्योग और किसानों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता वाइस चांसलर एवं कार्यशाला के मुख्य संरक्षक प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह ने की। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति का उद्देश्य किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।
“सरबत दा भला” की भावना का उल्लेख करते हुए उन्होंने शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों से समाज हित में नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि श्री काहन सिंह पन्नू (सेवानिवृत्त IAS) ने कहा कि आधुनिक तकनीक विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
उन्होंने भू जल स्तर में लगातार आ रही गिरावट पर चिंता जताई और ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा प्रिसिजन कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों और विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के बीच संवाद और संपर्क बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
कार्यशाला की विषय-वस्तु पर प्रकाश डालते हुए प्रो. रविंदर सिंह साहनी ने स्मार्ट कृषि के क्षेत्र में आईओटी, एआई, ड्रोन तकनीक, रिमोट सेंसिंग और इमेज प्रोसेसिंग की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. जैप्रीत कौर, सहायक प्रोफेसर एवं डिप्टी कोऑर्डिनेटर ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
प्रो. (डॉ.) रविंदर कुमार, प्रोफेसर इंचार्ज पब्लिक रिलेशंस ने तकनीकी नवाचारों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर श्री सरबजीत सिंह बाल, चेयरमैन जिला परिषद तथा श्री भगवंत सिंह सियालका, सदस्य शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी भी मौजूद रहे। डॉ. राजदीप सिंह सोहल ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।