युवा अकाली दल के अध्यक्ष एवं घनौर हलका इंचार्ज सरबजीत सिंह झिंझर के नेतृत्व में निकाली जा रही ‘बोलेगा घनौर, बदलेगा दौर’ पदयात्रा बुधवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गई। इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं और स्थानीय निवासियों ने विभिन्न गांवों में इस अभियान से जुड़कर अपना समर्थन दिया।
बुधवार को यात्रा की शुरुआत गांव माजौली से हुई और यह घनौरी खेड़ी, हरी माजरा, बलहेड़ी, सलेमपुर, रूड़की और रूड़का से होती हुई घनौर शहर में संपन्न हुई। 30 मई को शुरू हुई यह 10 दिवसीय पदयात्रा 8 जून को समाप्त होगी, जिसके दौरान घनौर विधानसभा क्षेत्र के लगभग 100 गांवों को कवर किया जाएगा।
गांव घनौरी खेड़ी में लोगों को संबोधित करते हुए झिंझर ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का बहुचर्चित ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान पूरी तरह झूठ साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि गांव के युवाओं ने जमीनी हकीकत बताते हुए खुलासा किया कि 15 वर्ष की आयु के बच्चे भी चिट्टे की लत का शिकार हो रहे हैं और पिछले मात्र चार महीनों में ही 15 से 16 नाबालिग नशे की गिरफ्त में आए हैं।
झिंझर ने सवाल किया, “जब पंजाब पुलिस और घनौर पुलिस एक गांव में भी नशे के कारोबार पर रोक नहीं लगा सकती, तो वे कर क्या रही हैं?” उन्होंने कहा कि घनौरी खेड़ी कोई अकेला मामला नहीं है। यह वही गांव है जो पहले नशे के कारण अपने बेटों को खो चुकी माताओं की पीड़ा को लेकर सुर्खियों में रहा है।
उन्होंने कहा, “भगवंत मान की मुहिम ने जमीनी स्तर पर क्या हासिल किया है, इसका जवाब बहुत सीधा है—कुछ भी नहीं।” झिंझर ने यह भी कहा कि स्थानीय युवाओं का दावा है कि घनौर शहर में हेरोइन खुलेआम उपलब्ध है और पुलिस अधिकारी इस कारोबार की ओर से आंखें मूंदे हुए हैं।
हलके के अन्य गांवों में यात्रा के दौरान झिंझर ने गरीबों को पक्के मकान देने के वादे को लेकर भी AAP सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को पक्का घर देने के वादे पर सत्ता में आई सरकार के बावजूद आज भी घनौर क्षेत्र के अनेक लोग कच्चे मकानों और बदहाल परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी स्थिति सुधारने के लिए कुछ नहीं कर रही।
झिंझर ने कहा कि इस पदयात्रा का एकमात्र उद्देश्य हर गांव तक पहुंचना, आम लोगों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुनना और उनकी आवाज को बुलंद करना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनता की उन शिकायतों और मुद्दों को सामने लाने के लिए है जिन्हें सत्तारूढ़ सरकार लंबे समय से नजरअंदाज करती आ रही है।
पदयात्रा के दौरान उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में एस. जसमेर सिंह लाछड़ू, एसजीपीसी सदस्य, एस. तेजिंदरपाल सिंह, समित्र सिंह रूड़का, अनोख सिंह रूड़का, बलविंदर सिंह भोला, नछत्तर सिंह रूड़का, सतनाम सिंह रूड़का, कमलजीत सिंह रूड़का, बलवीर सिंह रूड़का, सुखबीर सिंह रूड़की, अवतार सिंह रूड़की, हरबीर सिंह रूड़की, हरचंद सिंह रूड़की, नानक सिंह मास्टर जी रूड़की, अतिंदर सिंह तिंदरा, गुलजार सिंह सुखी सलेमपुर, गुरप्रीत सिंह, कुलबीर सिंह, अतिंदरपाल सिंह, जसविंदर सिंह, अमरीक सिंह, सुखबीर सिंह, अवतार सिंह तथा रुपिंदर सिंह शामिल थे।