पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (मानित विश्वविद्यालय), चंडीगढ़ में आज “महत्वपूर्ण प्रश्न: विचारशील और जिज्ञासु मन के लिए अंतर्दृष्टि” विषय पर एक विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र अरन्य संघराणा बौद्ध मठ के भिक्षुओं द्वारा संचालित किया गया।
इस अवसर पर दो वरिष्ठ भिक्षु, वंदनीय तिस्सारो और वंदनीय महापञ्यो, के साथ डीन छात्र कल्याण, डॉ. डी.आर. प्रजापति तथा डॉ. दीपक कुमार शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत एक शांत ध्यान सत्र से हुई, जिसने प्रतिभागियों को आत्ममंथन और एकाग्रता का अवसर प्रदान किया।
इसके पश्चात “आपके लिए सफलता का क्या अर्थ है?” विषय पर एक चिंतनात्मक गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने विचार गुमनाम रूप से लिखकर साझा किए। इन विचारों के आधार पर भिक्षुओं ने एक संवादात्मक और अंतर्दृष्टिपूर्ण चर्चा का संचालन किया।
वंदनीय तिस्सारो और वंदनीय महापञ्यो ने प्रतिभागियों को सफलता, उद्देश्य और आंतरिक संतोष के विविध आयामों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया। इस सत्र में संस्थान के विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने इस अवसर की सराहना की, जिसने उन्हें पारंपरिक शैक्षणिक वातावरण से परे जाकर आत्मचिंतन और सार्थक संवाद का मंच प्रदान किया।
यह पहल आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में सजगता और आत्मअन्वेषण के महत्व को रेखांकित करती है।