पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (मानित विश्वविद्यालय), चंडीगढ़ के स्टूडेंट कॉउंसलिंग सेल (एससीसी) ने 23 अप्रैल 2026 को “टेली मानस : अवेयरनेस कार्निवल” का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, जिसके लिए रोचक, सहभागितापूर्ण और सकारात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे परिसर में जुड़ाव और सकारात्मक माहौल को बढ़ावा मिला।
कार्निवल का आयोजन डॉ. डी.आर. प्रजापति (डीन स्टूडेंट अफेयर्स/छात्र कल्याण डीन) के मार्गदर्शन में किया गया, जिसकी शोभा डॉ. सुलता भंडारी, प्रमुख, एससीसी; सुश्री अंकिता शर्मा, टेली-मानस काउंसलर; तथा श्री नवीन और सुश्री तन्वी, स्टूडेंट कॉउंसलर्स, पेक की गरिमामयी उपस्थिति से बढ़ी। उन्होंने छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने और खुलकर संवाद करने के लिए प्रेरित किया।
टेली-मानस (टेली मेंटल हेल्थ असिस्टेंस एंड नेटवर्किंग अक्रॉस स्टेट्स) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के हिस्से के रूप में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 24x7 टेली-मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
यह कार्यक्रम दो-स्तरीय प्रणाली पर आधारित है। टियर-1 में राज्य स्तरीय टेली-मानस केंद्र शामिल हैं, जहां प्रशिक्षित काउंसलर और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करते हैं, जबकि टियर-2 में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो ई-संजीवनी जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से परामर्श और उन्नत उपचार प्रदान करते हैं।
टेली-मानस का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को व्यापक बनाना है, ताकि हर व्यक्ति, विशेषकर कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोग, समय पर सहायता प्राप्त कर सकें। यह पहल परामर्श के साथ-साथ चिकित्सा एवं मनोसामाजिक सेवाएं, वीडियो कंसल्टेशन, ई-प्रिस्क्रिप्शन और फॉलो-अप जैसी सुविधाएं भी प्रदान करती है।
इस कार्निवल में खेलों, हल्के-फुल्के प्रतियोगिताओं और आकर्षक पुरस्कारों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाई गई। इसने एक उत्साहपूर्ण और स्वागतपूर्ण वातावरण तैयार किया, जिसमें छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।