पंजाब एवं चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के लिए आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एन एस एस) सम्मेलन का समापन चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में भव्य समारोह के साथ सफलतापूर्वक हुआ। यह सम्मेलन युवाओं की भागीदारी और सामुदायिक सेवा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
इस सम्मेलन में पंजाब एवं चंडीगढ़ के राज्य एनएसएस अधिकारी, कार्यक्रम समन्वयक, कार्यक्रम अधिकारी, एनएसएस पुरस्कार विजेता, स्वयंसेवक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। यह आयोजन संवाद, सहयोग एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का प्रभावी मंच बना, जिसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण को नई दिशा प्रदान करना रहा।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) आर. एस. बावा, सलाहकार, माननीय कुलाधिपति, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह युवाओं में जिम्मेदार नागरिकता के गुण विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि एनएसएस युवाओं में निःस्वार्थ सेवा, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करता है।
उन्होंने संयुक्त राज्य स्तरीय सम्मेलन की पहल की सराहना करते हुए इसे पंजाब एवं चंडीगढ़ के बीच समन्वय और समग्र विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। साथ ही, युवाओं से “विकसित भारत @ 2047” के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया और कार्यक्रम अधिकारियों एवं समन्वयकों के प्रयासों की सराहना की।
इससे पूर्व स्वागत संबोधन में एनएसएस को युवा सशक्तिकरण एवं राष्ट्र निर्माण के प्रभावी मंच के रूप में प्रस्तुत किया गया तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय एवं राष्ट्रीय सेवा योजना निदेशालय के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न विशेषज्ञ सत्र, विचार-विमर्श, समूह चर्चाएं एवं प्रस्तुतियां आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी उपलब्धियों की समीक्षा की, नवीन विचार साझा किए तथा जमीनी स्तर पर एनएसएस को और सशक्त बनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
समापन अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय, चंडीगढ़ के क्षेत्रीय निदेशक जय भगवान ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह दो दिवसीय कार्यक्रम सक्रिय भागीदारी, सार्थक चर्चाओं एवं प्रभावी परिणामों से परिपूर्ण रहा, जो सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। सम्मेलन के दौरान प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं को राष्ट्रीय सेवा योजना निदेशालय, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा, ताकि एनएसएस की गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
सम्मेलन का समापन राष्ट्रीय सेवा योजना के मूल मंत्र “मैं नहीं, आप” के संदेश के साथ हुआ, जिसने युवाओं में निःस्वार्थ सेवा एवं सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को और सुदृढ़ किया।