चितकारा यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय एनीमेशन एवं फिल्म फेस्टिवल का दूसरा संस्करण उत्साह और रचनात्मकता के माहौल के बीच आयोजित किया गया। दो दिनों तक चले इस महोत्सव में एनीमेशन, स्टोरीटेलिंग और डिजिटल क्रिएटिविटी की झलक देखने को मिली, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और क्रिएटर्स ने भाग लिया।
चितकारा डिजाइन स्कूल के एनीमेशन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में फिल्म स्क्रीनिंग, पैनल डिस्कशन, मास्टरक्लास और स्टूडेंट शोकेस जैसे आकर्षक सत्रों का आयोजन किया गया। फेस्टिवल ने उभरती प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ इंडस्ट्री से सीधे जुड़ने का अवसर भी प्रदान किया।
फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध कलाकार और कंटेंट क्रिएटर हारुन रॉबर्ट, जिन्होंने छात्रों के साथ संवाद करते हुए अपने अनुभव साझा किए और स्वयं करके सीखने की रचनात्मकता के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, डिजिटल स्टोरीटेलर प्रतीक सेठी ने अपने कार्यों के अनुभव साझा करते हुए कंटेंट क्रिएशन के बदलते ट्रेंड्स और दर्शकों से जुड़ाव के नए तरीकों पर चर्चा की।
इस अवसर पर प्रख्यात एनीमेशन फिल्म निर्माता नीना सबनानी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। एनीमेशन और कहानी कहने के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम में शामिल अन्य विशेषज्ञों ने भी एनीमेशन की नई तकनीकों, क्रिएटिव प्रोसेस और इसके भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार रखे।
चितकारा यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर डॉ. मधु चितकारा ने कहा कि ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और उद्योग के बीच यह सेतु छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री लीडर्स से जोड़कर, हमारा मकसद इनोवेशन को बढ़ावा देना और उन्हें एनिमेशन और डिज़ाइन के बदलते ग्लोबल माहौल के लिए तैयार करना है।” ज्ञान के आदान-प्रदान और रचनात्मक खोज पर केंद्रित चितकारा अंतरराष्ट्रीय एनीमेशन एवं फिल्म फेस्टिवल-2026 ने अकादमिक जगत और इंडस्ट्री के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा दिया और इसके दौरान छात्रों को नई-नई स्टोरीटेलिंग तकनीकों से रूबरू होने का अवसर भी मिला।
साथ ही, यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि वह रचनात्मक शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। चितकारा अंतरराष्ट्रीय एनीमेशन एवं फिल्म फेस्टिवल एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहल के रूप में अपनी पहचान बना रहा है, जो आधुनिक मीडिया और संचार में एनीमेशन और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।