रयात बाहरा यूनिवर्सिटी ने स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के नेतृत्व में जीवन विज्ञान, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता विषय पर दो दिवसीय तीसरी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस (आईसीएलएसएचईएस–2026) का आयोजन किया। इस कॉन्फ्रेंस में देश भर से आए शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य, जीवन विज्ञान और पर्यावरणीय स्थिरता से संबंधित उभरती चुनौतियों तथा नवाचारपूर्ण समाधानों पर विचार-विमर्श किया।
यह कॉन्फ्रेंस रेड रिबन क्लब, पंजाब यूथ सर्विसेज, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स सोसाइटी ऑफ इंडिया, पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (पीएससीएसटी), चंडीगढ़ तथा इनोवेशन मिशन पंजाब के सहयोग से आयोजित की गई। अपने संबोधन में रयात बाहरा यूनिवर्सिटी, रयात बाहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, होशियारपुर और बाहरा यूनिवर्सिटी, शिमला के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा ने युवाओं में स्टार्टअप्स और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि उद्यमशील सोच को बढ़ावा देने से रोजगारयोग्यता में वृद्धि हो सकती है तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और सतत विकास को भी मजबूती मिलती है। प्रो. (डॉ.) सिमरजीत कौर (डीएसडब्ल्यू) ने विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कॉन्फ्रेंस की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, पंजाब राज्य शाखा, चंडीगढ़ के सचिव-कम-मुख्य कार्यकारी शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में प्रो. (डॉ.) दपिंदर कौर बख्शी, संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख, शोध और स्टार्टअप सुविधा प्रभाग, ने बौद्धिक संपदा अधिकारों, शोध संस्कृति और नवाचार आधारित विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।
वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने विश्वविद्यालयों में शोध, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले मजबूत इकोसिस्टम के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों के बारे में भी बात की। इनोवेशन मिशन पंजाब के सीईओ एवं मिशन डायरेक्टर सोमवीर आनंद ने युवा नवप्रवर्तकों के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम में उपलब्ध अवसरों की जानकारी साझा की।
कॉन्फ्रेंस में इंटीग्रम आईपी, मोहाली की संस्थापक एवं सीईओ डॉ. श्वेता सेन थलवाल ने शोध और उद्योग में बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया, जबकि कंटेंट फैक्टरी की संस्थापक एवं सीईओ रितिका सिंह ने स्टार्टअप्स के लिए डिजिटल ब्रांडिंग पर सत्र लिया। कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन सतत विकास लक्ष्यों पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें प्रो. (डॉ.) हरमिंदर पाल सिंह, डॉ. जगदीप सिंह दुआ, डॉ. स्वरणजीत सिंह तथा डॉ. लवनीत कुमार दुबे ने अपने विचार साझा किए।
कॉन्फ्रेंस का समापन तकनीकी सत्रों, शोध पत्र प्रस्तुतियों और पोस्टर प्रदर्शनी के साथ हुआ, जिसने शोध, नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।