Thursday, 04 June 2026

 

 

खास खबरें डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध शक्तियों पर संसद के मतदान को बताया 'फिजूल' सरबजीत सिंह झिंझर की ‘बोलेगा घनौर बदलेगा दौर’ पदयात्रा के छठे दिन घनौर में पेयजल संकट की हकीकत आई सामने इंडोनेशिया ओपन : पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी की हार के साथ भारत का सिंगल्स अभियान समाप्त तेल आयात कम करने से लेकर किसानों की समृद्धि तक : हरदीप सिंह पुरी ने पहले फ्लेक्स-फ्यूल यात्री वाहन का शुभारम्भ किया भारत और ब्रिटेन ने महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला वेधशाला शुरू की 144 वर्षों में किसी सरकार ने नहरों का पानी नहीं लेने दिया, मुख्यमंत्री भगवंत मान किसानों के मसीहा बने : मनविंदर सिंह ग्यासपुरा पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर ने देखा ऐतिहासिक बदलाव : सीएम पेमा खांडू हरपाल सिंह चीमा ने मुलाजिम यूनियनों से की मुलाकात मंत्रिमंडल की बैठकों में लिए गए 99 प्रतिशत निर्णय पूरी तरह कार्यान्वितः जगत सिंह नेगी मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक आयोजित एमवाई भारत ने 3.9 लाख क्विज़ पार्टिसिपेंट्स के साथ गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जितिन प्रसाद ने आईआईएफटी में जीबीआरसी 2026 का उद्घाटन किया शिमला पहाड़ी चौक की वर्षों पुरानी जलभराव समस्या का समाधान पंजाब पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को किया नाकाम रोटरी क्लब रोपड़ सेंट्रल के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रवि प्रकाश का आधिकारिक दौरा सरकार 2027 तक 5,000 ई85 फ्यूल स्टेशन शुरू करेगी : हरदीप सिंह पुरी 1 किलोवाट उपभोक्ताओं के घर बिना बैंक गारंटी लगेगा सोलर सिस्टम, बिजली बिल होगा शून्य : अनिल विज सीएम मोहन चरण माझी ने बैठक में आपदा जोखिम कम करने पर ब्रिक्‍स के बीच सहयोग की अपील की नशों के खिलाफ अभियान को और मजबूत बनाने के लिए अमृतसर केंद्रीय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित नशाविरोधी अभियान के दौरान हवलदार शहीद भारत की ओर बढ़ रहा है दीर्घकालिक वैश्विक निवेश, निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्य बना देश : पीयूष गोयल

 

सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद कर्नाटक 'मेकेदातु प्रोजेक्ट' पर आगे बढ़ेगा : सिद्धारमैया

Siddaramaiah, Indian National Congress, Congress, All India Congress Committee, Karnataka, Bengaluru
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

बेंगलुरु , 06 Mar 2026

Last updated on: Mar 07, 2026, 13:23 IST

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कहा कि विवादित मेकेदातु परियोजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु की ओर से दायर याचिका का खारिज होना राज्य के लिए बड़ी कानूनी सफलता है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही लंबे समय से रुकी इस परियोजना के लिए अगले कदम उठाएगी।

विधानसभा में 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेकेदातु परियोजना के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जल्दी तैयार की जाएगी और इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, जिसमें जंगल की जमीन के इस्तेमाल की अनुमति भी शामिल होगी।ध्यान देने वाली बात है कि मेकेदातु परियोजना कर्नाटक के रामनगर जिले में कावेरी नदी पर 9,000 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित बैलेंसिंग जलाशय और पीने के पानी की योजना है। इसका उद्देश्य बेंगलुरु को 4.75 टीएमसी पीने का पानी उपलब्ध कराना और 400 मेगावाट बिजली उत्पादन करना है।

मुख्यमंत्री ने येत्तिनाहोल एकीकृत पेयजल परियोजना में हुई प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लिफ्ट सिंचाई के पहले चरण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया है और इसका उद्घाटन हो चुका है। दूसरे चरण में बाकी 18.73 किलोमीटर लंबी नहर का काम जल्द ही पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, कोराटागेरे तालुक में वडेराहल्ली के पास 1.2 टीएमसी क्षमता वाला बैलेंसिंग जलाशय बनाया जाएगा, ताकि अतिरिक्त पानी को जमा करके सही तरीके से उपयोग किया जा सके।

येत्तिनाहोल परियोजना कर्नाटक सरकार की 23,251 करोड़ रुपए की एक बड़ी पहल है। इसका उद्देश्य पश्चिमी घाट की नदियों (येत्तिनाहोल, कडुमनेहोल, केरिहोल, होंगदहल्ला) के 24.01 टीएमसी पानी को कोलार और चिक्काबल्लापुर जैसे सूखाग्रस्त जिलों तक पहुंचाना है।सिद्धारमैया ने भद्रा अपर बैंक परियोजना के काम में देरी के लिए केंद्र सरकार की आलोचना भी की। 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2023-24 के बजट भाषण में इस परियोजना के लिए 5,300 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बावजूद, कर्नाटक सरकार ने अपने संसाधनों से इस परियोजना पर 11,343 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि अज्जमपुरा तालुक के अब्बिनाहोल गांव में जमीन विवाद, जो लगभग छह साल से सुलझा नहीं था, अब हल हो गया है। इसके चलते, 135 किलोमीटर लंबी चित्रदुर्ग ब्रांच नहर और उसके फीडर का काम 2027 तक पूरा हो जाएगा, जिससे 157 टैंकों में पानी पहुंचाया जा सकेगा।

ध्यान देने वाली बात है कि अपर भद्रा परियोजना सेंट्रल कर्नाटक में एक बड़ी चल रही लिफ्ट सिंचाई योजना है। इसका उद्देश्य 2,25,515 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई करना और सूखाग्रस्त जिलों (चिकमगलूर, चित्रदुर्ग, तुमकुर, दावणगेरे) के 367 टैंकों को भरना है। 21,000 करोड़ रुपए से अधिक की संशोधित लागत के साथ यह कर्नाटक का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जिसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिला है, जिसमें भद्रा जलाशय से 29.9 टीएमसी पानी लिफ्ट किया गया है।

नॉर्थ कर्नाटक में सिंचाई प्रयासों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि बड़े अपर कृष्णा परियोजना (यूकेपी) स्टेज-III के तहत अलमट्टी डैम की ऊंचाई 519.6 मीटर से बढ़ाकर 524.256 मीटर की जाएगी। सरकार ने परियोजना और उससे जुड़े नहर नेटवर्क के लिए आवश्यक जमीन अधिग्रहण के लिए बातचीत से तय मुआवजे की संशोधित दरें मंजूर कर दी हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूखी जमीन के लिए मुआवजा 30 लाख रुपए प्रति एकड़ और सिंचाई वाली जमीन के लिए 40 लाख रुपए प्रति एकड़ तय किया गया है। बातचीत के माध्यम से हुए समझौतों के आधार पर जमीन अधिग्रहण का काम इसी साल शुरू किया जाएगा।अलमट्टी डैम की ऊंचाई बढ़ाने से जलाशय की क्षमता 123 टीएमसी से बढ़कर 300 टीएमसी हो जाएगी।

 इस स्टेज-3 प्रोजेक्ट का उद्देश्य 5.94 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई करना है, लेकिन बाढ़ और नीचे पानी के बहाव को कम करने की चिंता के कारण महाराष्ट्र और तेलंगाना इसका विरोध कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि तुंगभद्रा डैम के 33 खराब गेट मानसून से पहले बदल दिए जाएंगे। जलाशय में जमा गाद से स्टोरेज क्षमता में कमी को दूर करने के लिए सरकार कई विकल्पों पर विचार कर रही है, जिसमें कोप्पल जिले के नवली के पास एक बैलेंसिंग जलाशय बनाना भी शामिल है।

सिद्धारमैया ने कहा कि पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के साथ सलाह-मशविरा किया जाएगा और तुंगभद्रा बोर्ड की सहमति से सबसे उपयुक्त विकल्प लागू किया जाएगा।महादयी बेसिन में कलासा-बंडूरी नाला परियोजनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि राज्य पिछले दो वर्षों से केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से वन मंजूरी लेने की लगातार कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। 

उन्होंने बताया कि परियोजनाओं के लिए कॉन्ट्रैक्ट पहले ही दिए जा चुके हैं और केंद्र से वन मंजूरी मिलते ही काम तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंजूरी में देरी से राज्य सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।ध्यान देने वाली बात है कि कलासा-बंडूरी परियोजना कर्नाटक सरकार की एक पुरानी पहल है। इसका उद्देश्य महादयी नदी की सहायक नदियों (कलासा और बंडूरी) का पानी मलप्रभा नदी बेसिन में मोड़कर बेलगावी, धारवाड़, बागलकोट, और गडग जैसे सूखाग्रस्त जिलों तक पीने का पानी पहुंचाना है।

 

Tags: Siddaramaiah , Indian National Congress , Congress , All India Congress Committee , Karnataka , Bengaluru

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD