कुछ दिन पूर्व एक कार्यक्रम के दौरान राजपुरा से देश के एकमात्र ग्रेट ग्रास आर्टिस्ट अभिषेक कुमार चौहान ने पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान से भेंट की। इस अवसर पर कलाकार द्वारा घास के तिनकों से निर्मित भारत के राष्ट्रीय पक्षी ‘मोर’ की विशेष कलाकृति मुख्यमंत्री को भेंट की गई, जिसे कलाकार ने पूरी तरह आँखें बंद करके तैयार किया था।
इसके साथ ही घास से बनी ‘इक ओंकार’ की कलाकृति भी मुख्यमंत्री को भेंट की गई। यह कलाकृति ‘इक ओंकार’ साहिब के मूल सवरूप से प्रेरित है, जो सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में सुशोभित है। जिसमें ग्रास आर्टिस्ट ने लगभग 1,100 घास के तिनकों को 11,000 बार मोड़कर 10 घंटे में आंखें बंद करके मूल मंत्र साहिब का जाप करते हुए बनाया था।
जब मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी गई कि यह पूरी कला-प्रक्रिया बिना देखे, केवल ध्यान, अभ्यास और एकाग्रता के साथ की जाती है, तो वे इस अनूठे हुनर से अत्यंत प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कलाकार की इस अद्भुत कला-साधना की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्राकृतिक और आध्यात्मिक कला पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देती है।
उन्होंने कलाकार के आँखें बंद करके कला निर्माण करने के हुनर को लाइव देखने की इच्छा भी व्यक्त की, जिसे कलाकार के लिए एक विशेष सम्मान बात है।इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भी घास कला की बारीकी, धैर्य और मौलिकता की प्रशंसा की।
यह मुलाकात कला, प्रकृति और संवेदनशील नेतृत्व के सुंदर समागम के रूप में यादगार रही। देश के एकमात्र कलाकार - आर्टिस्ट अपनी अनोखी और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित घास कला के लिए न सिर्फ पंजाब में बल्कि पूरे देश में एक खास पहचान कायम रखता है।
वह देश के अकेले ऐसे ग्रास आर्टिस्ट हैं जो आंखें बंद करके कुदरती घास के तिनकों से कलाकृतियाँ और मूर्तियां बनाते हैं। उनकी अनोखी कला को ध्यान और परंपरा का एक अद्भुत मेल माना जा सकता है। 2019 में जब पंजाब सरकार ने उन्हें स्टेट अवॉर्ड से सम्मानित किया, तो उन्हें आधिकारिक तौर पर देश का अकेला ऐसा आर्टिस्ट घोषित किया जो आंखें बंद करके घास से कलाकृतियां बनाता है।