यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंजर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा पंजाब भर के करीब 12 हजार यूथ क्लबों को बंद करने के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह कदम युवाओं की पीठ में छुरा घोंपने के बराबर है। झिंजर ने कहा कि पंजाब में कुल करीब 14 हजार यूथ क्लब मौजूद हैं, जो गांवों के युवाओं को खेलों, सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें नशे से दूर रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पांच साल और आम आदमी पार्टी के चार साल के शासनकाल में युवाओं से सिर्फ वादे ही किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आया। दोनों सरकारें हर मोर्चे पर पंजाब में विफल साबित हुई हैं। सवाल उठाते हुए झिंजर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान बताएं कि पिछले चार वर्षों में यूथ क्लबों को कितनी ग्रांट दी गई?
कितने क्लबों को खेल किट, जिम का सामान या अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं? अगर सरकार ने कभी यूथ क्लबों को सहयोग ही नहीं दिया, तो उन्हें “निष्क्रिय” कहने का आधार क्या है? झिंजर ने कहा कि यूथ क्लब आज भी काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने ही उन्हें मजबूत बनाने और सुचारू रूप से चलाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।
अब जानबूझकर क्लबों को भंग कर अपने चहेतों के नाम पर उन्हें दोबारा पंजीकृत करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख आम आदमी पार्टी को गांवों के यूथ क्लब याद आ रहे हैं। यह पूरा मामला सिर्फ एक चुनावी स्टंट है।
अगर सरकार सच में युवाओं की भलाई चाहती, तो पिछले चार वर्षों में यूथ क्लबों के लिए पर्याप्त फंड, रोजगार से जुड़ी योजनाएं और खेल–सांस्कृतिक कार्यक्रम चलाए जाते। झिंजर ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल की सरकार के समय यूथ क्लब सिर्फ बनाए ही नहीं गए थे, बल्कि उन्हें सक्रिय रखने के लिए फंड, खेल सामग्री और विभिन्न कार्यक्रम भी दिए गए थे।
अंत में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब के युवा अब और धोखा बर्दाश्त नहीं करेंगे। हर गांव के यूथ क्लब का युवा, सदस्य और विद्यार्थी इस धोखे का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगा।