सी.जी.सी. यूनिवर्सिटी, मोहाली में 'धियां दी लोहड़ी' (बेटियों की लोहड़ी) का त्योहार बड़े उत्साह और सार्थक संदेश के साथ मनाया गया। यह आयोजन विशेष रूप से बेटियों के सम्मान, समानता और सामाजिक जिम्मेदारी को समर्पित रहा। पंजाबी संस्कृति की परंपराओं और आधुनिक प्रगतिशील विचारों के मेल ने इस दिन को छात्रों और स्टाफ के लिए यादगार बना दिया।
समारोह में ऑस्ट्रेलिया से विशेष रूप से पधारे डॉ. जगविंदर सिंह विर्क और डॉ. रतनदीप कौर विर्क ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण दिया और महिला सशक्तिकरण के वैश्विक संदेश को मजबूत किया।
परिसर में छात्रों द्वारा लोक नृत्य, गीत और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर 'द ग्रेट नवभारत मिशन फाउंडेशन' के सहयोग से एक दान अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत अपनाए गए गांवों के उन परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जिनके घर नवजात बेटियों की पहली लोहड़ी थी।
समारोह के दौरान यूनिवर्सिटी के उन फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों को 'लॉन्ग एसोसिएशन अवार्ड' से सम्मानित किया गया, जिन्होंने संस्थान की प्रगति में लंबे समय तक अपनी बहुमूल्य सेवाएं दी हैं। यूनिवर्सिटी के संस्थापक चांसलर और 'फादर ऑफ एजुकेशन' रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा, "धियां दी लोहड़ी केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि हमारी जिम्मेदारी का अहसास है कि हम अपनी बेटियों को सम्मानित और सशक्त बनाएं।"
वहीं, मैनेजिंग डायरेक्टर अर्श धालीवाल ने कहा कि सी.जी.सी. में आयोजनों का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना होता है। समारोह का समापन पारंपरिक लोहड़ी जलाकर किया गया।