सिख इतिहास की अमर शहादतों को नमन करते हुए चार साहिबज़ादों और माता गुजरी जी की लासानी कुर्बानी को समर्पित निःशुल्क बस सेवा का भव्य शुभारंभ आज उतरी हलके से अक्षय शर्मा की ओर से किया गया। इस ऐतिहासिक और भावनात्मक अवसर पर सेवादार अक्षय शर्मा ने झंडी दिखाकर पहले जत्थे को श्री अमृतसर साहिब से श्री फतेहगढ़ साहिब के लिए रवाना किया। य
ह विशेष सेवा 20 से 27 दिसंबर तक लगातार जारी रहेगी, जिसके तहत प्रतिदिन अलग-अलग जत्थे शहीदी सभा के दर्शन हेतु फतेहगढ़ साहिब के लिए रवाना किए जाएंगे। पहले ही दिन इस पहल को जबरदस्त समर्थन मिला और 45 बसों के माध्यम से करीब 2000 से अधिक श्रद्धालु श्री फतेहगढ़ साहिब के लिए रवाना हुए। संगत की भारी भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि गुरु साहिबानों की शहादत आज भी जन-जन के हृदय में जीवित है और धर्म इंसान को सच्चाई, साहस और बलिदान के मार्ग से जोड़ता है।
अक्षय शर्मा ने इस अवसर पर भावुक होते हुए कहा कि चार साहिबज़ादों और माता गुजरी जी की शहादत केवल सिख समाज के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा है। यह सेवा किसी धर्म या वर्ग को देखकर नहीं, बल्कि गुरुओं को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने और युवा पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को नशे और भटकाव से दूर कर गुरुओं द्वारा दिखाए गए सत्य, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना ही इस सेवा का मूल लक्ष्य है। यात्रा को केवल सफर न बनाकर एक शैक्षिक और प्रेरणादायक अनुभव बनाया गया है। चार घंटे की यात्रा के दौरान बसों में चार साहिबज़ादों पर आधारित फिल्म दिखाई जा रही है, वहीं इतिहासकारों द्वारा उनकी शहादत और बलिदान की गाथा भी सुनाई जा रही है, ताकि संगत विशेषकर विद्यार्थी वर्ग इस इतिहास को समझे और जीवन में आत्मसात कर सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा के दौरान एम्बुलेंस, मेडिकल सुविधाएं, खान-पान, बैठने की समुचित व्यवस्था और समयबद्ध संचालन का विशेष प्रबंध किया गया है। पूरी यात्रा सेवा भाव और अनुशासन के साथ संचालित की जा रही है।अक्षय शर्मा ने संगत का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस विश्वास और श्रद्धा के साथ लोगों ने इस पहल को अपनाया है, वही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।
उन्होंने संगत से अपील की कि इस यात्रा को केवल दर्शन तक सीमित न रखें, बल्कि गुरुओं की शहादत से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सच्चाई, सेवा और मानवता के मूल्यों को अपनाएं।इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय सेवादार, समाजसेवी और युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सेवा को ऐतिहासिक और यादगार बनाया।इस अवसर पर भाजपा नेता तरनजीत सिंह संधू, पप्पू महाजन भी मौजूद रहे और गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया।