हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसको लेकर किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सरकार द्वारा देशी गाय दी जा रही है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती की फसलों की खरीदारी के लिए गुरुग्राम व हिसार में मंडी स्थापित की जाएगी।
प्राकृतिक खेती के दाम निर्धारित करने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि एक सप्ताह पहले धान की खरीद की शुरुआत की गई है। मंडियों में धान खरीद को लेकर तैयारियां पूरी है।कृषि मंत्री रविवार को करनाल में सेवा पखवाड़े के तहत हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड की ओर से आयोजित पीएम-प्रणाम किसान मैराथन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर समूचे देश में सेवा पखवाड़ा के माध्यम से 17 सितंबर से लेकर आगामी 2 अक्तूबर प्रत्येक दिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से आम जनता को जागरूक किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि पीएम-प्रणाम किसान मैराथन धरती माँ को सुरक्षित रखने में हमारे किसानों की अहम भूमिका को दर्शाती है।
जिस प्रकार से इंसान अपनी सेहत का पूरी तरह से ध्यान रखता है उसी प्रकार भूमि के स्वास्थ्य को भी ठीक रखना है। फसलों में अत्यधिक यूरिया खाद व अन्य कीटनाशक दवाइयों के प्रयोग से भूमि का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करना होगा ताकि अपने देश का पैसा देश में ही रहे, जिससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
इस अवसर पर इंद्री के विधायक एवं हरियाणा सरकार के चीफ व्हीप रामकुमार कश्यप ने कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ मैराथन को झंडी दिखाने के उपरांत प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से किसान भाइयों को कृषि से संबंधित आधुनिक तकनीक के बारे में जानकारी मिलती है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह पखवाड़ा सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाया जा रहा है।
जिसके अंतर्गत 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया गया। इस दिन समूचे देश में स्वास्थ्य अभियान चलाया गया और रक्त दान शिविर लगाए गए। जिससे रक्त की लाखों यूनिट इकट्ठा हुई जोकि जरूरतमंद लोगों की जान बचाने में लाभदायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि यह पखवाड़ा 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक मनाया जाएगा और गांधी जयंती के अवसर पर हम सबको स्वदेशी वस्तुएं प्रयोग करने का संकल्प लेना होगा।