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मनोहर लाल खट्टर ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में 'कैंपस टैंक पंजाब' का शुभारंभ किया

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5 Dariya News

घडूँआ , 01 Sep 2025

Last updated on: Sep 01, 2025, 21:14 IST

केंद्रीय ऊर्जा, आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भारत के सबसे बड़े जॉब नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म अपना और भारत अर्ली स्टेज इन्वेस्टमेंट फर्म वेंचर कैटालिस्ट्स (वीकैट्स) के सहयोग से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित 'कैंपस टैंक पंजाब' को लांच किया। 

इसका उद्देश्य 30 वर्ष से कम उम्र के युवा नवप्रवर्तकों को अपने स्टार्टअप के लिए सीड फंडिंग और इन्वेस्टमेंट प्राप्त करने के लिए वन-स्टॉप समाधान प्रदान करके भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है, जिसमें उनके स्टार्टअप आइडियाज को सफल स्टार्टअप्स में बदलने के लिए 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग प्राप्त करने का अवसर देना है।

इस लॉन्च में इंडस्ट्री दिग्गज, जाने-माने उद्यमी, वेंचर कैपिटलिस्ट, प्रशंसित शिक्षाविद, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और क्षेत्रीय इनक्यूबेटरों के उभरते स्टार्टअप फाउंडर्स भी शामिल हुए। 'कैंपस टैंक' पंजाब के लॉन्च के मुख्य आकर्षणों में "कैंपस टू कैपिटल: एम्पॉवरिंग यंग इन्नोवेटर्स पर पैनल चर्चा " शामिल थी, जिसमें कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडियन इंडस्ट्री के डायरेक्टर जगमीत सिंह बेदी, स्टार्टअप एक्सेलरेटर चैंबर ऑफ कॉमर्स (एसएसीसी) इंडिया के सीईओ विनीत खुराना,जस्ट हर्ब्स की फाउंडर मेघा सबलोक, फ्लूड वेंचर्स के फाउंडिंग पार्टनर अमित सिंघल, स्टार्टअप्स गवर्नमेंट ऑफ़ पंजाब के जॉइंट डायरेक्टर दीपिंदर ढिल्लों, इकोसिस्टम कैपेसिटी बिल्डिंग एनएसआरसीईएल-आईआईएमबी के असिस्टेंट  वाइस  प्रेजिडेंट वैकुंठ प्रसाद सहित   पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और उत्तराखंड सहित उत्तरी राज्यों के युवा स्टार्टअप फाउंडर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्र, हैकाथॉन विजेता और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा इनक्यूबेट किए गए स्टार्टअप के फाउंडर भी शामिल हुए।

भारत को अमेरिकी टैरिफ के आगे झुकने की ज़रूरत नहीं है, अगले 2 वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ भारत जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर

उद्घाटन समारोह में बोलते हुए, केंद्रीय मंत्री  मनोहर लाल खट्टर ने कहा, "कैंपस टैंक न केवल भारत में बल्कि दुनिया में भी एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि युवाओं को समर्थन की कमी के कारण अपने व्यावसायिक उद्यम शुरू करने में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समस्या को समझा और पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं के लिए मुद्रा योजना जैसी योजनाओं की शुरुआत कर उद्यमिता को बढ़ावा दिया। आज युवाओं के लिए अपना उद्यम शुरू करने के लिए कई सुविधाएँ उपलब्ध हैं। 

फिर भी कुछ युवाओं को अवसर नहीं मिल पाते। ऐसे में कैंपस टैंक एक बहुत बड़ी पहल है क्योंकि इससे एआईसीटीई से संबद्ध 23,000 शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों को लाभ होगा। कैंपस टैंक का लाभ उठाने के लिए 19,000 से ज़्यादा छात्र स्टार्टअप पहले ही रजिस्टर कर चुके हैं। कैंपस टैंक के माध्यम से चुने गए 300 स्टार्टअप के लिए 60 लाख अमेरिकी डॉलर की फंडिंग उपलब्ध होगी।"

उन्होंने कहा,"नए विचार किसी के भी मन में आ सकते हैं। स्टार्टअप्स के लिए आकाश असीमित है क्योंकि कोई भी युवा, न्यूनतम शिक्षा के साथ, कहीं से भी, स्टार्टअप शुरू कर लाखों कमा सकते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियाँ भी कभी स्टार्टअप हुआ करती थीं। चाहे वह अमेज़न हो जिसे एक युवा ने कार गैराज से शुरू किया या गूगल जिसकी की शुरुआत एक कमरे से हुई , या फिर फ़ेसबुकजिसकी की शुरुआत एक यूनिवर्सिटी कैंपस से हुई। इसलिए छोटी शुरुआत ही बड़ी उपलब्धियों की ओर ले जाती है।" 

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 11 वर्षों में बहुत काम किया है और आज 1.76 लाख से ज़्यादा स्टार्टअप हैं, जिनमें से लगभग 75,000 महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप हैं। आज हमारे पास 115 से ज़्यादा यूनिकॉर्न हैं। स्टार्टअप न केवल अपने संस्थापकों को, बल्कि हज़ारों अन्य लोगों को भी रोज़गार देंगे। आज नौकरी चाहने वाले कल नौकरी देने वाले होंगे। स्टार्टअप्स सफलता राष्ट्र की प्रगति में सहायक होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक एक विकसित भारत का विज़न दिया है और इस विज़न को साकार करने में सभी की भूमिका है।"

उन्होंने कहा, “हर देश को हमेशा कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे हमें (अमेरिका द्वारा) टैरिफ लगाने की धमकी दी गई है लेकिन हमे झुकना नहीं चाहिए।  पिछले 10 वर्षों में ऐसा माहौल बना है कि भारत को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। हमारा देश अगले दो वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। अभी हम चीन, अमेरिका और जर्मनी के बाद चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं तथा  भारत और जर्मनी के बीच बहुत कम अंतर है। 

जर्मनी की 4.52 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की तुलना में हमारी अर्थव्यवस्था 4.19 ट्रिलियन डॉलर है। लेकिन हमारी विकास दर जर्मनी से बहुत अधिक है। इसलिए, भले ही हम अमेरिकी टैरिफ का सामना कर रहे हैं, हमारी अर्थव्यवस्था अभी भी 7.8% की दर से बढ़ रही है। इस दर से, हम एक वर्ष के भीतर जर्मनी की अर्थव्यवस्था की बराबरी कर लेंगे और अगले वर्ष तक 5 लाख ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था प्राप्त करके उन्हें पीछे छोड़ देंगे। यह हमारा संकल्प है और हम इसे युवाओं के साथ पूरा करेंगे।”

अपने संबोधन में, राज्यसभा सांसद और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा, “अपने संबोधन में, सांसद (राज्यसभा) और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, सतनाम सिंह संधू ने कहा, “पीएम मोदी जी का यह विजन था कि देश को एक विकसित राष्ट्र बनाया जाए और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहल शुरू की जाए। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से, उन्होंने न केवल युवाओं के सपनों को समझा, बल्कि उन सपनों को पूरा करने के लिए धन भी प्रदान किया। 

आज परिणाम हम सभी के सामने है क्योंकि भारत एक स्टार्टअप हब बन गया है। 2014 में, भारत में केवल 400 स्टार्टअप थे और जब प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में , तो केवल 11 वर्षों में स्टार्टअप की संख्या बढ़कर 1.76 लाख से अधिक हो गई। भारत आज निरंतर विकास के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। इन स्टार्टअप्स ने न केवल 12,000 से अधिक पेटेंट पंजीकृत किए हैं, बल्कि जून 2025 तक विभिन्न क्षेत्रों में अनुमानित 17.6 लाख प्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित किए हैं”

संधू ने आगे कहा, "आज भारत में  पेटीएम, अपग्रेड, क्रेड  सहित  119 यूनिकॉर्न हैं। जिन्होंने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। इसलिए सरकार का लक्ष्य 2035 तक इनकी संख्या 1,000 और फिर 5,000 तक पहुंचाना है, जिससे नई नौकरियों का सृजन होगा। स्टार्टअप्स के पास गूगल, एप्पल, अमेज़न,माइक्रोसॉफ्ट, मेटा (फेसबुक), टेस्ला और उबर जैसे वैश्विक ब्रांड बनने की क्षमता है , जो किसी समय स्टार्टअप भी थीं।"

उन्होंने आगे कहा,"तकनीकी उन्नति, व्यापार में सुविधा और उद्यमियों को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए 10 हज़ार करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की है और जून 2025 तक फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स (FFS) योजना के तहत समर्थित 141 वैकल्पिक निवेश कोषों को 9,994 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता दी है। सरकार तकनीकी आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के तहत साइबर सुरक्षा, AI, रक्षा तकनीक, डीपटेक और फार्मास्यूटिकल्स में इनोवेशन को बढ़ावा दे रही है। 

सरकार स्टार्टअप्स को हर संभव तरीके से समर्थन दे रही है और अगली पीढ़ी के सुधारों को लागू करने के लिए एक टास्क फोर्स के गठन के साथ, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए अनुपालन बोझ को कम कर रही है।"राज्यसभा सांसद ने कहा, "कैंपस टैंक जैसी पहलों के माध्यम से, हमारा उद्देश्य इनोवेशन को बढ़ावा देना और अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को सशक्त बनाना है।

कैंपस टैंक देश के युवा इनोवेटर्स में उद्यमशीलता की भावना को जागृत करेगा। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए प्रेरित कर, नए अवसरों के द्वार खोल रही है। 2012 में स्थापना के बाद से, सीयू के छात्रों ने 150 से अधिक स्टार्टअप्स बनाए हैं, जिनमें से आठ महिला-नेतृत्व वाले हैं। ये स्टार्टअप्स भारत के 17 शहरों और चार विदेशी देशों में कृषि, एजुटेक, मेडटेक, हेल्थकेयर, फिनटेक, क्लीनटेक, ब्लॉकचेन और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे 27 क्षेत्रों में हैं। 

सतनाम संधू ने आगे कहा, "चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (CU-TBI) ने 2023-24 में 1126 पेटेंट फाइल कर देश के सभी वैज्ञानिक अनुसंधान संगठनों में पहला स्थान प्राप्त किया है। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए CU-TBI अब 5 करोड़ रुपये जुटा रहा है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी  पिछले 5 वर्षों में सबसे ज़्यादा पेटेंट दाखिल करने वाले शीर्ष 5 संस्थानों में शामिल रही है और पिछले 3 वर्षों में 2581 पेटेंट फाइल कर भारत की सभी निजी और सरकारी यूनिवर्सिटियों में तीसरा स्थान हासिल किया है।”

यंग प्रोग्रेसिव सिख फोरम के प्रेसिडेंट तथा ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी हरियाणा डॉ प्रभलीन सिंह ने कहा," एक दशक पहले तक एंटरप्रेन्योरशिप, स्किल और स्टार्टअप्स के विषय में कोई नहीं जानता था लेकिन मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद एंटरप्रेन्योरशिप,  स्किल और स्टार्टअप्स को इतनी अहमियत दी गई है कि आज हर व्यक्ति यह सोचता है कि कैसे वह किसी अन्य को रोज़गार दे सकता हैं। कोई भी नया काम आसान नहीं होता लेकिन सही मार्गदर्शन से सब संभव है।" 

वेंचर कैटालिस्ट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट अफसर वंश ओबेरॉय ने कहा, "अगर भारत को 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है, तो 15 से 20% योगदान स्टार्टअप होगा । ‘कैंपस टैंक' इस महत्वाकांक्षा को पूरा करने की हमारी सबसे बड़ी पहल है, जो युवाओं को न केवल फंडिंग देती है, बल्कि उन्हें रोज़गार, दूरदर्शिता और बड़े सपने देखने का साहस भी देती है।“

‘अपना’ के उपाध्यक्ष प्रीत दीप सिंह ने कहा, "कैंपस टैंक का उद्देश्य अपरंपरागत और स्वतंत्र सोच वाले नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहित करना है, जो घिसे-पिटे रास्ते पर नहीं चलते, बल्कि समाज की ज्वलंत समस्याओं के समाधान के लिए नए रास्ते तलाशते हैं।"

 

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