पारस हेल्थ पंचकुला ने नई दिल्ली के 49 साल के मरीज पर हाई रिस्क वाला किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया। मरीज को अंतिम स्टेज के किडनी फेल्योर के साथ गंभीर कार्डिएक और सांस से संबंधित समस्याएँ भी थीं। यह कॉम्प्लेक्स सर्जरी रीनल ट्रांसप्लांट के डॉयरेक्टर डॉ. सुनील कुमार के नेतृत्व में की गई। मरीज की पत्नी द्वारा किडनी दान किए जाने के कारण यह संभव हुआ। डोनर सर्जरी लैप्रोस्कोपिक तरीके से की गई।
मरीज श्री आनंद प्रकाश मिश्रा को क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) थी और वे 15 साल से ज्यादा समय से डायबिटिक थे, साथ ही उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की भी समस्या थी। समय के साथ उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई, जिससे वे कमजोर हो गए और नियमित हीमो डायलेसिस पर निर्भर रहने लगे। ट्रांसप्लांट से पहले जांच में डॉक्टरों ने पाया कि उन्हें हृदय की मांसपेशियों की बीमारी (कार्डियोमायोपैथी) भी है, उनका ईजेक्शन फ्रैक्शन केवल 25% था, दोनों फेफड़ों के चारों ओर तरल पदार्थ (बिलैटरल प्लूरल इफ्यूजन) था, और ख़ून में प्रोटीन (सीरम एल्ब्यूमिन) की मात्रा कम थी।
इन सभी कारणों से उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट के लिए बहुत हाई रिस्क वाला मरीज माना गया। इन चुनौतियों के बावजूद उनकी पत्नी श्रीमती रजनी निशा ने निस्वार्थ भाव से अपनी एक किडनी दान करने का निर्णय लिया, ताकि उनके पति की जान बचाई जा सके। प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बोलते हुए पारस हेल्थ पंचकुला के किडनी ट्रांसप्लांट के डॉयरेक्टर डॉ. सुनील कुमार ने कहा, “यह मामला बहुत चुनौतीपूर्ण था क्योंकि मरीज की सेहत नाजुक थी और कई जटिलताएँ थीं।
उनकी रिकवरी परिवार के भरोसे, डोनर के साहस और हमारे ट्रांसप्लांट टीम के बेहतरीन प्रयासों का परिणाम है। यह पारस हेल्थ पंचकुला की विश्व स्तरीय चिकित्सा सेवा देने और गंभीर मरीजों को जीवन में दूसरा मौका देने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।” लैप्रोस्कोपिक डोनर सर्जरी के बाद श्रीमती रजनी निशा ने जल्दी रिकवरी की और तीन दिनों में हॉस्पिटल से घर चली गईं।
मरीज श्री मिश्रा की सेहत भी तेजी से सुधरी। कुछ ही दिनों में उनकी किडनी का कार्य सामान्य हो गया, फेफड़ों के चारों ओर जमा तरल साफ हो गया, और हृदय की कार्यक्षमता बेहतर हो गई। डॉ. सुनील कुमार, डॉ. नवजीत सिद्धु, डॉ. अश्विनी शर्मा, डॉ. अशिष अरोड़ा और डॉ. श्वेता प्रभाकर की देखभाल में वे जल्द ही चलने-फिरने के लायक हो गए। उन्हें सामान्य ब्लड प्रेशर और शुगर के साथ स्थिर हालत में हॉस्पिटल से छुट्टी दी गई।
डॉ. पंकज मित्तल, फैसिलिटी डायरेक्टर, पारस हेल्थ पंचकुला ने कहा, “पारस हेल्थ पंचकुला पिछले दो सालों से लगातार किडनी ट्रांसप्लांट कर रहा है। इसमें कई जटिल और हाई रिस्क वाले केस भी शामिल हैं। यह सफल सर्जरी हमारी क्लीनिकल एक्सीलेंस (चिकित्सीय उत्कृष्टता) को साबित करती है और इस क्षेत्र में मरीजों के पास एडवांस्ड हेल्थकेयर पहुँचाने के हमारे मिशन को मजबूत बनाती है।”
पारस हेल्थ पंचकुला में किडनी ट्रांसप्लांट हॉस्पिटल की बढ़ती क्षमता को दर्शाते हैं कि यह हॉस्पिटल जटिल किडनी केसों को संभाल सकता है। मजबूत टीमवर्क, मेडिकल स्किल और परिवार के सहयोग से हॉस्पिटल उन मरीजों की मदद करता रहता है जिनके पास सीमित उपचार विकल्प होता हैं।
यह केस अंगदान की जीवन बचाने वाली अहमियत को भी दिखाता है। अंगदान करके परिवार न केवल जान बचाते हैं, बल्कि ऑर्गन फेल्योर (अंग विफलता) से जूझ रहे कई मरीजों के लिए उम्मीद भी जगाते हैं। पारस हेल्थ अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का काम जारी रखे हुए है। अंगदान जीवन देने का एक प्रभावशाली तरीका माना जाता है।